गढ़ रोड पर सड़क किनारे लगी लाइटें। संवाद
हापुड़। करीब डेढ़ माह पहले शहर की सड़कों पर 2.50 करोड़ रुपये से फैंसी लाइटें लगी थीं लेकिन आजतक इनका शुभारंभ नहीं हो सका है। इस कारण लाइटों को हर दिन न जलाकर खास मौकों पर ही जलाया जाता है। पालिका में चर्चा है कि दो जनप्रतिनिधियों की आपसी खींचतान के कारण ही इन लाइटों का विधिवत शुभारंभ नहीं हो सका है।
शहर के मार्गों पर लगी पुरानी फैंसी लाइटों को हटाकर करीब 2.5 करोड़ रुपये से इन नई लाइटों को लगवाया गया है। पालिका ने पिछले माह तीन जून को जब इन लाइटों को पहली बार चालू कराया तो शहर के मार्गों की सुंदरता बढ़ गई। तहसील चौराहे तक यह लाइटें जलीं तो सड़कें जगमग हो गईं और मार्गों की सुंदरता बढ़ गई लेकिन इसके बाद से लाइटों को हर दिन चालू नहीं कराया जाता है। व्यापारी दीपक गोयल ने बताया कि जब पालिका के अधिकारियों से इन लाइटों के हर दिन न जलने का कारण पूछा गया तो सही जवाब नहीं मिलता है। वहीं, पालिका में चर्चा है कि दो जनप्रतिनिधियों के बीच शुभारंभ को लेकर चल रही खींचतान के कारण ही यह सब चल रहा है। हालांकि, इस मामले में सभी चुप्पी साध रहे हैं। कोई कुछ भी बोलने से बच रहा है।
तत्कालीन डीएम के आदेश पर हुई थी खरीद
तत्कालीन डीएम अभिषेक पांडेय के आदेश पर पालिका ने इन फैंसी लाइटों को खरीदा था। देवनंदिनी अस्पताल से लेकर एसएसवी कॉलेज तक यह लाइटें सड़क किनारे लगाई गई हैं। मुरादाबाद नगर निगम की तर्ज पर शहर में भी इन लाइटों को लगाकर ट्रायल किया गया है। पहले चरण में देवनंदिनी अस्पताल से लेकर तहसील चौपला तक लाइटें लगवाई गई हैं।
3.82 करोड़ रुपये से तीन मार्गों पर और लगेंगी लाइटें
पालिका के अवस्थापना निधि के कार्यों को स्वीकृति मिली है। इसमें शहर में तीन अन्य स्थानों पर करीब 3.82 करोड़ रुपये से लाइटें लगाने की तैयारी है। करीब 1.61 करोड़ रुपये से एसएसवी डिग्री कॉलेज से कलक्ट्रेट गेट तक दाहिनी तरफ 1.61 करोड़ रुपये से एसएसवी डिग्री कॉलेज से कलक्ट्रेट गेट तक बांयी तरफ डोकेरेटिड पोल लगाए जाएंगे। इसके अलावा 60.16 लाख रुपये से गढ़ चुंगी से माहमांई मंदिर तक यह पोल लगाए जाएंगे।
अधिशासी अधिकारी संजय कुमार मिश्रा का कहना है कि पहले चरण का काम पूरा हो चुका है। दूसरे चरण के कार्य के लिए टेंडर निकाला जाएगा। बहुत जल्द सभी कार्यों का शुभारंभ होगा। आपसी खींचतान की कोई बात नहीं है।