हापुड़। जिले से गुजर रहे हाईवे 09 और 334 कैमरों से लैस हैं, लेकिन इन पर अभी वे कैमरे नहीं हैं, जिनसे स्पीड मापकर चालान किया जा सके।
जिले में तैनात केवल एक इंटरसेप्टर वाहन ही हाईवों पर ओवरस्पीड के चालान काटता है। ऐसे में सीमित संसाधनों के चलते हाईवे पर बेलगाम होकर वाहन दौड़ रहे हैं और दुर्घटनाएं अधिक हो रही हैं।
जिले में दुर्घटनाओं का आंकड़ा हाईवे बनने के बाद बढ़ा है। वर्ष 2023 में जिले में सड़क हादसे में 215, वर्ष 2024 में 268, वर्ष 2025 में 298 मौत हुईं। जबकि इस वर्ष अप्रैल तक 80 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी थी।
गंभीर बात यह है कि अधिकतर मौतें रफ्तार अधिक होने के कारण हुईं। ऐसे में कहा जा सकता है कि हाईवे पर सुगम यातायात तेज रफ्तार के कारण काल का कारण बन रहा है। इसके इतर हाईवों पर चालान की बात करें तो चालान की गति काफी धीमी रही है। शुरूआत में इंटरसेप्टर वाहन न होने के कारण चालान बेहद ही कम होते थे।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले ओवरस्पीड के मात्र 2574 चालान काटे गए। हालांकि इस वर्ष एक इंटरसेप्टर वाहन मिलने के बाद चालान की गति में तेजी आई और एक अप्रैल से अभी तक ओवर स्पीड के 1480 चालान काटे गए। ऐसे में पिछले साल से अभी तक कुल 4054 चालान काटे गए।
लेकिन समस्या यह है कि एक ही वाहन जिले की सभी सड़कों पर निगरानी नहीं कर सकता है। ऐसे में जरूरी है कि हाईवों पर एएनपीआर कैमरे लगाने का कार्य जल्द पूरा किया जाएगा।