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एचपीडीए ने गिराया अवैध निर्माण तो मचेगा घमासान

Sat, 10 Jun 2017 09:44 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
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भ्‍ावन न‌िर्माण - फोटो : demo pic
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एचपीडीए (हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण) के अधिकारी शहर से दूर बनी चाहरदीवारी को गिराकर ध्वस्तीकरण का ढोल पीट रहे हैं। उन्हें शहर में हो रहा अवैध निर्माण दिखाई नहीं दे रहा है। अवैध निर्माण पर यदि जेसीबी चलाने की हिम्मत अफसरों ने जुटाई तो शहर में घमासान मच जाएगा।
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नियमों को ताक पर रखकर अनेक बहुमंजिला मार्केट के पार्किंग स्थलों पर भी दुकान बनाकर बेची जा चुकी हैं। ऐसे में लोगों को मजबूरी में सड़कों पर वाहन पार्किंग करनी पड़ती है। शहर में यातायात व्यवस्था चौपट है। आए दिन यहां जाम लगना विकट समस्या है।

इसके लिए जितनी पुलिस जिम्मेदार है, उतना ही प्राधिकरण के अधिकारी भी हैं। जाम का मुख्य कारण बहुमंजिला मार्केट बने हैं।  इनके मेप में बेसमेंट में पार्किंग स्थल दर्शाया गया है,
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लेकिन प्राधिकरण के अधिकारियों की कृपा से पार्किंग स्थलों पर दुकान बनाकर बेच दी गयी हैं।  जिससे मजबूरी में लोगों को अपने वाहन सड़कों पर पार्क करने पड़ते हैं।

आश्चर्य है कि योगी शासन आने पर सबसे पहले अवैध निर्माण को लेकर कड़े निर्देश मुख्य सचिव ने जारी किए थे, लेकिन हापुड़ में इनका कोई असर नहीं पड़ा। यहां धड़ल्ले से अवैध निर्माण हो रहे हैं।

इन मामलों में प्राधिकरण के अभियंताओं की निष्ठा पर सवाल उठते हैं। अगर कोई एक दो कमरे बनाना शुरू करता है तो तत्काल उसे काम रोकने से लेकर ध्वस्तीकरण तक के नोटिस मिल जाते हैं,

लेकिन उन्हीं अफसरो को बहुमंजिला अवैध निर्माण नहीं दिखलाई पड़ते। इसका कारण सहज ही समझा जा सकता है। शहर में फ्रीगंज रोड, दिल्ली रोड, रेलवे रोड, बुलंदशहर रोड आदि क्षेत्रों में ऐसे अनेक निर्माण दिखलाई पड़ेंगे, जो अवैध रूप से बन रहे हैं या बन चुके हैं।

कुछ मामलों में ऐसा जरूर हुआ है कि प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों को फाइल में दिखाने के लिए नोटिस जारी किए गए, लेकिन सहज ही काम भी चालू कराए रखा। प्राधिकरण के नये उपाध्यक्ष गया प्रसाद के लिए शहर में ऐसे निर्माण ध्वस्त कराना बड़ी चुनौती होगी।

बहुमंजिला मार्केट में पार्किंग स्थल नहीं छोड़ना तथा मानचित्र के विपरीत अवैध निर्माण कराना बेहद गंभीर मामला है। इसके खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जायेगी। एपी सिंह, मुख्य अभियन्ता एचपीडीए।
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