हापुड़। हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण में करीब ढाई माह से सचिव और एक साल से ओएसडी का पद खाली पड़ा है। इसके अलावा कई अधिकारियों के पद खाली हैं। जिसके कारण विकास की बड़ी योजनाएं अटकी हुई हैं।
करीब ढाई माह से सचिव का महत्वपूर्ण पद खाली है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से स्थानांतरण होकर आए सीपी त्रिपाठी कुछ माह तक ही हापुड़ प्राधिकरण में सचिव के पद पर रहे। बिना बताए अनुपस्थित रहने के कारण शासन ने उन्हें हटा दिया था। अब इन्हें शासन ने लखनऊ प्राधिकरण से संबद्ध कर दिया है। इनके स्थान पर अधिशासी अभियंता प्रवीण गुप्ता को प्रभारी सचिव का अतिरिक्त चार्ज दिया गया था, लेकिन यह भी एक खानापूर्ति जैसा है। क्योंकि प्रवीण गुप्ता राजस्व संबंधी कार्य नहीं कर सकते हैं। जबकि, प्राधिकरण के वीसी डॉ. नितिन गौड़ कई बार शासन को पत्र भेजकर स्थाई सचिव की मांग कर चुके हैं। वहीं, ओएसडी का महत्वपूर्ण पद भी एक साल से रिक्त है। ओएसडी भी सचिव के साथ मिलकर विकास कार्यों को पूरा करते हैं। दोनों ही पद खाली होने से प्राधिकरण के कार्य प्रभावित हो रहा हैं।
आवासीय योजना का नहीं सुलझ रहा विवाद
करीब 10 एकड़ में आनंद विहार के आसपास नई आवासीय याेजना को शुरू करना था, लेकिन किसानों से विवाद के कारण कुछ नहीं हो रहा है। इस योजना का सारा काम सचिव स्तर से ही होता है। इसके अलावा औद्योगिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। साथ ही शहरी विस्तारीकरण योजना को लाने में विलंब होना है। इसके अलावा अर्जन संबंधी अधिकारी जिसमें तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी न होने से भी दिक्कतें हो रही हैं।