हापुड़। गांव असौड़ा निवासी एक परिवार बुलंदशहर के जहांगीराबाद में आयोजित गोदभराई के कार्यक्रम में शामिल हुआ। इस दौरान खराब गुणवत्ता का खाना खाने से पूरा परिवार फूड पॉइजनिंग की चपेट में आ गया। बच्चों सहित एक ही परिवार के नौ लोगों की तबीयत बिगड़ने के बाद बुधवार की सुबह तीन एंबुलेंस से सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां परिवार के सदस्यों का उपचार जारी है।
पीड़ित दीपक ने बताया कि सोमवार को उनके छोटे भाई नितिन के लिए लड़की देखने का कार्यक्रम बुलंदशहर जिले के जहांगीराबाद में था। लड़की पसंद आने के बाद गोदभराई का कार्य हुआ। शाम करीब चार बजे दोनों परिवारों के सदस्यों सहित अन्य लोगों ने पूड़ी, रायता, मटर-पनीर, सफेद रसगुल्ले दावत में खाए। सभी लोग उसी दिन रात में कार्यक्रम से वापस घर आ गए। रात में ही परिजनों को पेट दर्द और सिर दर्द की शिकायत हुई।
मंगलवार को तबीयत में सुधार न होने पर गांव में ही एक निजी अस्पताल में चिकित्सक से दवाई ली लेकिन रात्रि में सभी को तेज पेट दर्द और उल्टी भी हुई।
तबीयत में सुधार न होने पर बुधवार की सुबह स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। इस पर गांव में तीन एंबुलेंस पहुंचीं और पूरे परिवार को जिला अस्पताल लाकर उपचार शुरू किया गया। अस्पताल में दीपक, नितिन, संजय, सुनील, शीला, प्रवेश, ललिता, बच्ची रिंकी और बच्चा देव भर्ती है।
मामले में सीएमएस डॉ. हेमलता का कहना है कि पीड़ितों को भर्ती करके उनका उपचार चल रहा है। पहले के पॉइजनिंग सभी को आराम है। फूड प्वाइजनिंग के कारण सभी की तबीयत बिगड़ी थी।
वहीं, मामले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त द्वितीय सुनील कुमार का कहना है कि जिले में विभागीय स्तर पर कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। प्रकरण बुलंदशहर जिले का है। शिकायत मिलती है तो बुलंदशहर के अधिकारियों से संपर्क कर कार्रवाई कराई जाएगी।