असौड़ा गांव में एक किराना स्टोर के मालिक की बुखार से मौत हो गई। वह तीन दिन से बुखार से पीड़ित चल रहे थे। उधर, गढ़ क्षेत्र में शनिवार को भी बच्ची समेत आधा दर्जन बुखार के मरीजों की मौत हो गई। अब क्षेत्र में बुखार से मरने वालों की संख्या 59 हो गई है।
हालांकि सीएमओ आए दिन जांच कराने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ ले रहे हैं। मूलरूप से धौलाना क्षेत्र के हसनपुर निवासी नवनीत त्यागी का मेरठ रोड पर किराना स्टोर हैं। इन दिनों वह असौड़ा में ही रह रहे थे। करीब तीन दिन पूर्व उन्हें बुखार की शिकायत हुई थी।
इलाज के बाद भी हालत में सुधार नहीं हो पा रहा था। शुक्रवार रात अचानक ह्दयगति रुकने से उनकी मौत हो गई। वहीं, गढ़ के पालिका दफ्तर के पास रहने वाले आढ़ती रामनारायण बंसल (65) ने इलाज के दौरान शनिवार को मेरठ के एक नर्सिंग होम में दम तोड़ दिया।
बेटे राजीव बंसल ने बताया कि उन्हें दो सप्ताह पहले बुखार आया था। स्थानीय चिकित्सकों से राहत नहीं मिलने पर रामनारायण को मेरठ के नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। इसी तर अठसैनी गांव के किशन (50) को तीन सप्ताह बुखार आ रहा था।
आराम नहीं मिलने पर परिजन उन्हें दिल्ली ले गए, जहां शुक्रवार देर रात उनकी मौत हो गई। वह बढ़ई का काम करते थे। भाई ताराचंद ने बताया कि दिल्ली के अस्पताल में जांच के दौरान चिकनगुनिया की पुष्टि हुई थी। दौताई गांव में शरीफ खां के बेटे मुजम्मिल (35) को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था।
उसका मेरठ में इलाज चल रहा था, जहां मुजम्मिल ने शनिवार को दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि मेडिकल जांच में डेंगू के कारण उसे ब्रेनहेम्रेज हो गया था। अल्लाबख्शपुर निवासी किसान चांद खां (65), पीडब्ल्यूडी विभाग के रिटायर्ड कर्मी कांति प्रजापति (65)
बबलू की चार वर्षीय बेटी अवनी की बुखार से शुक्रवार को मौत हो गई। वहीं, रझैटी गांव में रियासत खां (55) को एक सप्ताह पहले बुखार आया था। हापुड़ में इलाज कराया जा रहा था लेकिन शनिवार को उनकी मौत हो गई। बता दें कि कि बुखार से अब तक 59 मरीजों की मौत हो चुकी है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। बुखार से मौत के मामले में जांच कराई जाएगी। टीम को भेजकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य जांच कराया जाएगा।