पिलखुवा। ग्राम पंचायत रघुनाथपुर चंदपुरा के प्रधान पर फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र के सहारे आरक्षण और अन्य लाभ लेने का आरोप आखिरकार मुकदमे तक पहुंच गया।
जिला पंचायत राज अधिकारी के निर्देश के बाद खंड विकास अधिकारी कार्यालय से पत्र जारी हुआ और उसी आधार पर कोतवाली में संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर दी गई। बड़ी बात यह है कि पूरा कार्यकाल लगभग खत्म होने के बाद अब आरोपी प्रधान पर रिपोर्ट दर्ज हुई है।
कोतवाली पिलखुवा क्षेत्र वह विकासखंड हापुड़ के गांव रघुनाथपुर चंदपुरा निवासी प्रधान हेमचंद पर आरोप है कि उन्होंने अनुसूचित जाति वर्ग का कूटरचित व फर्जी प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर आरक्षित श्रेणी का लाभ लिया।
शिकायत में कहा गया कि प्रमाणपत्र वास्तविक नहीं है और उसी के आधार पर चुनावी लाभ व अन्य सुविधाएं हासिल की गईं। 23 फरवरी 2026 को जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से जांच संबंधी पत्र जारी हुआ। इसके अगले दिन 24 फरवरी को सहायक विकास अधिकारी ने प्रभारी निरीक्षक को पत्र भेजकर स्पष्ट रूप से प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए।
संबंधित पत्र की प्रति साक्ष्य के रूप में संलग्न की गई। प्रशासनिक पत्राचार के बाद कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है और प्रमाणपत्र की वैधता खंगाली जा रही है।
सीओ अनीता चौहान ने बताया कि रिकॉर्ड की गहन जांच कराई जा रही है, यदि आरोप पुष्ट हुए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामला सीधे तौर पर आरक्षण व्यवस्था और प्रशासनिक विश्वसनीयता से जुड़ा है, इसलिए जांच को गंभीरता से लिया जा रहा है।