हापुड़। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना को लेकर जनपद के निजी बैंकों की लापरवाही जारी है। 24 में से सात बैंकों ने लक्ष्य का शून्य प्रतिशत ही प्राप्त किया है। इस कारण जनपद पिछड़कर प्रदेश में 59वें नंबर पर पहुंच गया है। योजना में मात्र 69 प्रतिशत को ही ऋण मिल सका है। वहीं, कई सरकारी बैंकों ने लक्ष्य से दोगुना प्रतिशत तक प्राप्त करके युवाओं को उद्यमी बनाकर उनका सपना सरकार किया है।
बैंकों की लापरवाही पर उपायुक्त उद्योग खुशबू सिंह ने लक्ष्य से कम प्राप्त करने वाले बैंक अधिकारियों को पिछले दिनों जमकर फटकार भी लगाई है। इसके बाद भी निजी बैंकों के प्रबंधक योजना को लेकर गंभीर नहीं हैं।
योजना में जिले को 1700 का लक्ष्य दिया गया है। इसमें 3146 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस पर जांच के बाद उद्योग विभाग की ओर से 2745 आवेदनों को बैंकों को भेज दिया गया है।
इस पर 1188 मामलों में ऋण स्वीकृत करते हुए 1169 को बांटा गया है। वहीं, बैंकों की ओर से आवेदनों को बड़े स्तर पर निरस्त किया गया है। इसमें तमाम प्रकार की खामी दिखाई गई हैं, जबकि आवेदनों में सही दस्तावेज लगे हैं या नहीं, इसकी जांच का अधिकार उद्योग विभाग को है। ऐसे में आवेदन लटकने से भी युवाओं की ऋण की मांग पूरी नहीं हुई है।
मामले में उपायुक्त उद्योग खुशबू सिंह का कहना है कि निजी बैंकों की लापरवाही को देखते हुए जल्द इनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा। जिले में योजना को सफल बनाने के लिए लगातार काम चल रहा है।
इन बैंकों ने नहीं दिया योजना का लाभ : बंधन बैंक, इंडसइंड बैंक लिमिटेड, कोटेक महिंद्रा बैंक, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस, आईडीएफसी फर्स्ट, शिवालिक स्मॉल फिन बैंक और यूपी स्टेट को-ऑपरेटिव बैंकों को योजना के तहत अलग-अलग 108 का लक्ष्य दिया गया, लेकिन लक्ष्य में बैंकों ने कोई काम नहीं किया है। शून्य प्रतिशत आंकड़ा बता रहा है कि बड़े स्तर पर लापरवाही बरती गई है।