हापुड़। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना को लेकर प्रदेश सरकार ने बजट में 3500 करोड़ रुपये की घोषणा की है। इससे एचपीडीए की हरिपुर आवासीय योजना को गति मिल सकेगी। बाबूगढ़ में इस आवासीय कॉलोनी के लिए 30 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है। इसके लिए करीब 70 करोड़ रुपये की आवश्यकता है।
आनंद विहार और प्रीत विहार आवासीय योजना के बाद हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण बाबूगढ़ में हरिपुर आवासीय योजना को विकसित कर रहा है। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना से अभी तक 145 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इसमें 50 प्रतिशत धनराशि एचपीडीए और 50 प्रतिशत शासन से ली गई है। प्राधिकरण की धनराशि से भूमि की खरीद हो चुकी है। 22 हेक्टेयर में से पुरानी शेष भूमि और अलग से आठ हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करने के लिए 60 करोड़ रुपये की जरूरत है। कुल 130 किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसके लिए पूर्व में पत्र भेजकर शासन से धनराशि की मांग की गई थी।
हरिपुर आवासीय योजना में जगह-जगह पार्क, आवासीय प्लॉट, व्यावसायिक भवन, स्कूल, अस्पताल, रास्ते आदि का डिजाइन बनाने के लिए फर्म को भी नियुक्त किया गया है।
मामले में प्राधिकरण के प्रभारी सचिव अमित कादियान का कहना है कि शेष जमीन के अधिग्रहण के लिए शासन को पत्र भेजा जा चुका है। धनराशि मिलने के बाद आगे की अधिग्रहण की कार्रवाई की जाएगी।
पालिका के सीमा विस्तार की बढ़ी उम्मीद
बजट में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद से लेकर अब तक कुल 113 नए नगरीय निकाय गठित किए गए और 127 निकायों का सीमा विस्तार किया गया है। इसके बाद पालिका के सीमा विस्तार को लेकर भी उम्मीद बढ़ गई है। पिछले दिनों भी पालिका ने 22 गांवों को सीमा में शामिल करने के लिए शासन को बोर्ड से प्रस्ताव पास कराकर भेजा था। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, शहर की जनसंख्या 2.62 लाख है। तीन लाख से अधिक की आबादी के लिए इन गांवों का पालिका सीमा में शामिल होना भी जरूरी है।
पुलिस आवासों के लिए भी 346 करोड़ रुपये जारी
जिले में पुलिस लाइन का निर्माण चल रहा है। इसके अलावा जिला कारागार 190 करोड़ से बन रहा है। 116 करोड़ रुपये की धनराशि इसके लिए मिल चुकी है। दोनों ही योजनाओं में 26 प्रतिशत कार्य पूरा होना है। ऐसे में इस बजट में से कुछ धनराशि जिले की इन परियोजनाओं को भी मिलने की उम्मीद है।
जिला न्यायालय का जिक्र न होने पर अधिवक्ता मायूस-
जिले में न्यायालय का निर्माण लंबित है। भूमि खरीदने के लिए धनराशि जारी हो चुकी है, लेकिन इसके निर्माण के लिए बजट में कोई जिक्र नहीं किया गया है। ऐसे में जिला न्यायालय का मामला खटाई में पड़ता नजर आ रहा है। - सतबीर सिंह, अधिवक्ता।-फोटो-53