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गालंद में डंपिंग ग्राउंड की चहारदीवारी के निर्माण पर लगी रोक

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डंपिंग ग्राउंड के विरोध में धरना पर बैठे ग्रामीणों को निगम द्वारा चिन्हित भूमि के निर्माण कार्य ? - फोटो : PILAKHWA
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गालंद में डंपिंग ग्राउंड की चहारदीवारी के निर्माण पर लगी रोक
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पिलखवा। गाजियाबाद नगर निगम द्वारा गालंद गांव में प्रस्तावित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के निर्माण कार्य को फिलहाल रोकने का दावा किया गया है। धौलाना के ब्लॉक प्रमुख निशांत शिशौदिया ने धरना स्थल पहुंचकर यह जानकारी दी लेकिन ग्रामीणों ने लिखित में आदेश मिलने पर ही धरना समाप्त करने का निर्णय लिया। हालांकि डीएम ने इस तरह का कोई आदेश मिलने से इंकार किया है।
धौलाना ब्लॉक प्रमुख निशांत शिशौदिया बृहस्पतिवार को गालंद स्थित पंचायत घर पर चल रहे धरने में पहुंचे। धरनारत ग्रामीणों की बीच पहुंचे ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि इस मामले में केंद्रीय राज्यमंत्री एवं क्षेत्रिय सांसद जनरल वीके सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता की है। जिसके बाद शासनस्तर से डंपिंग ग्राउंड के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है। इसका आदेश भी जिला प्रशासन को मिल चुका है। जल्द ही इस संबंध में घोषणा कर दी जाएगी।
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यह है मामला-
गाजियाबाद नगर निगम द्वारा गालंद गांव में कूड़ा निस्तारण के लिए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाए जाने को 44.25 एकड़ भूमि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से खरीदी थी। निगम के अधिकारियों का दावा है कि प्लांट में जैविक खाद और बिजली बनाई जाएगी। एक अक्तूबर को निगम ने कूड़े के डंपर चिन्हित जमीन पर भेजे थे। जिसकी सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्होंने डंपरों को वापस कर दिया। इसी विरोध के चलते गत तीन अक्तूबर से ग्रामीण धरनारत हैं। इसी दौरान निगम ने चिन्हित जमीन की चहारदीवारी का निर्माण कार्य शुरू करा दिया। जिसे ग्रामीणों ने ढहा दिया। मामले में निगम के जेई योगेश कुमार द्वारा 34 नामजद समेत 250 से अधिक ग्रामीणों के खिलाफ पिलखुवा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
खुफिया विभाग ने तैयार की रिपोर्ट
बृहस्पतिवार को गाजियाबाद और हापुड़ के खुफिया विभाग के अधिकरी निगम द्वारा चिन्हित भूमि और धरना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों की संयुक्त टीम ने ग्रामीणों से बातचीत की। प्रकरण से संबंधित सभी दस्तावेज भी देखे। एक अधिकारी ने बताया कि शासनादेश पर जांच करने आए हैं। मामले की रिपोर्ट तैयार कर शीघ्र शासन को भेजी जाएगी।
लिखित में आश्वासन मिलने पर समाप्त होगा धरना:
डंपिंग ग्राउंड का मामला कोई नया नहीं है, यह कई साल से चला आ रहा है। विधानसभा चुनाव 2022 के मद्देनजर यह चुनावी आश्वासन तो नहीं है। चुनाव संपन्न होने के बाद फिर से मुद्दा उठ जाएगा। इसलिए ग्रामीण अब लिखित में आश्वासन की मांग कर रहे हैं। जब तक लिखित में आश्वासन नहीं मिलेगा धरना जारी रहेगा।
राजीव तोमर, अध्यक्ष, जनकल्याण किसान वेलफेयर संघर्ष समिति।
शासन से नहीं मिला कोई आदेश
शासन से वेस्ट टू एनर्जी प्लांट को स्थगित किये जाने का अभी तक कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। शासन स्तर से ग्रामीण और गाजियाबाद नगर निगम के अधिकारियों की बैठक में सहमति बनाकर प्रकरण को समाप्त करने के लिए कहा गया है। सहमति के लिए वार्ता की जा रही है।
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- अनुज सिंह, डीएम हापुड़।
स्थागित किये जाने के संकेत मिल रहे है। हालांकि प्लांट को शासनस्तर से स्थगित किये जाने का दावा धौलाना ब्लॉक प्रमुख निशांत शिशौदिया द्वारा धरनास्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों के बीच और पूर्व सांसद रमेशचंद तोमर ने प्रेसवार्ता कर पत्रकारों से किया है। वहीं ग्रामीणों ने अधिकारियों से स्थगित किये जाने का आश्वासन लिखित में दिये जाने की मांग की है। लिखित में आश्वासन नहीं मिले तक धरना जारी रखने का एलान किया है। वहीं हापुड़ और गाजियाबाद खुफिया विभाग की संयुक्त टीम बृहस्पतिवार को धरनास्थल और निगम द्वारा चिन्हित भूमि पर पहुंची। टीम ने ग्रामीणों से वार्ता कर ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की, जिसे शासन को भेजना बताया। इधर डंपिंग ग्राउंड के विरोध में गालंद पंचायत घर पर ग्रामीणों का धरना जारी रहा।
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