परेशानी : 20 दिन बाद शुरू हुईं फैक्टरियां, मजदूर नहीं मिले
पिलखुवा। बीस दिन बाद शुरू हुई फैक्टरियों के संचालकों को अब मजदूरों की कमी का सामना करना पड़ रहा हैं। फैक्टरियां बंद होने के बाद मजदूर अपने-अपने गांव चले गए थे, जो अभी तक नहीं लौटे हैं। इसके अलावा अधिकांश मजदूर गेहूं की कटाई में लगे हैं। मजदूरों की कमी के चलते फैक्टरी संचालक काफी परेशान हैं। संचालक मजदूरों को फोन कर उन्हें शीघ्र आने के लिए कह रहे हैं। कई संचालकों द्वारा मजदूरों को एडवांस रुपये देने प्रलोभन भी दिया जा रहा हैं। संचालकों को डर सता रहा है कि कहीं मिला हुआ आर्डर निरस्त न हो जाएं। क्योंकि फैक्टरियां चलनी शुरू हो गई है, लेकिन मजदूर नहीं होने के कारण भरपूर मात्रा में उत्पादन नहीं हो रहा।
ज्ञात रहे कि टेक्सटाइल सेंटर स्थित सभी फैक्टरियां गत एक अप्रैल से बंद चल रही थी। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक के निर्देश पर पिछले बीस से बंद चल रही फैक्टरियों का संचालन गत मंगलवार से शुरू हो गया। फैक्टरियों के बंद होने के कारण इनमें काम करने वाले बिहार एवं दूरदराज जिलों के हजारों मजदूर अपने गांव चले गए। कोरोना की दूसरी लहर एवं गेहूं की फसल की कटाई के कारण अभी तक वह मजदूर वापस नहीं आए हैं। फैक्टरी संचालकों में मजदूर नहीं होने से मायूसी हैं, वह उनका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
फैक्टरियों का संचालन तो शुरू हो गया। लेकिन मजदूरों के नहीं होने से उत्पादन भरपूर मात्रा में नहीं हो रहा हैं। उत्पादन नहीं होने के कारण पार्टियों द्वारा आर्डर भी निरस्त किया जा सकता हैं। अगर ऐसा हुआ तो उद्यमियों को भारी मात्रा में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
- विकास शर्मा, संरक्षक टेक्सटाइल सेंटर एसोसिएशन।
बीस दिन तक फैक्टरियों के बंद रहने के कारण मजदूर अपने-अपने घर चले गए। वहां जाकर वह गेहूं फसल की कटाई और निकासी का काम कर रहे हैं। मजदूरों के आने का इंतजार हैं। उनके आने पर ही फैक्टरियां सही प्रकार से चल पाएंगी और उत्पादन शुरू होगा।
- आरएस चौहान, अध्यक्ष टेक्सटाइल सेंटर एसोसिएशन।
मजदूरों से फोन पर बात कर उन्हे फैक्टरियों का संचालन शुरू होने के लिए बता दिया हैं। कोरोना महामारी के कारण अभी मजदूर आने से बच रहे हैं। हालांकि अधिकांश मजदूरों द्वारा शीघ्र ही गेहूं फसल की कटाई कर आने का आश्वासन दिया हैं। मजदूरों के आने के बाद ही फैक्टरियों का सही संचालन हो पाएगा।
- विवेक शर्मा, टेक्सटाइल सेंटर स्थित फैक्टरी संचालक।