पिलखुवा में बंद फैक्टरी जल्द होगी शुरू
पिलखुवा। टेक्सटाइल सेंटर स्थित बंद फैक्टरियों का संचालन शीघ्र शुरू होने की उम्मीद जगी हैं। अब यह मामला केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के दरबार में पहुंच गया हैं। प्रदेश के औद्योगिक कैबिनेट मंत्री सतीश महाना ने पत्र लिखकर केन्द्रीय मंत्री को पूरे प्रकरण की जानकारी दी। इधर उद्यमियों द्वारा गठित कमेटी द्वारा सीईटीपी का संचालन करने के संबंध में एचपीडीए द्वारा पत्र राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक को भेजा हैं।
पिलखुवा टेक्सटाइल सेंटर स्थित सीईटीपी का स्थापना के बाद से ही संचालन एचपीडीए द्वारा किया जा रहा था। गत 16 दिसंबर को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अधिकारियों की टीम द्वारा उक्त प्लांट का निरीक्षण किया। जिसमें 15 बिंदुओं पर खामियां मिली है। आरोप है कि निर्देश के बावजूद खामियों को दूर नहीं करने पर राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक ने एचपीडीए से तत्काल सीईटीपी का संचालन बंद करने के आदेश दिए। गत एक अप्रैल को एचपीडीए द्वारा सीईटीपी को बंद कर दिया गया। इसी के चलते उसी दिन जिला प्रशासन के मौके पर पहुंचकर टेक्सटाइल सेंटर में स्थित सभी फैक्टरियों को भी बंद कर दिया। इसके चलते हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए। फैक्टरिया बंद होने के बाद टेक्सटाइल सेंटर एसोसिएशन के संरक्षक विकास शर्मा के नेतृत्व में उद्यमियों को एक प्रतिनिधिमंडल पिछले दिनों माननीयों और अधिकारियों से मिला। दोनों ने शीघ्र समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था। इसी क्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री सतीश महाना द्वारा टेक्सटाइल सेंटर स्थित बंद सीईटीपी को सुचारू कराने के संबंधित में केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत को पत्र लिखा गया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष आरएस चौहान का कहना है कि उद्यमियों और एचपीडीए के अधिकारियों के बीच भी सहयोगात्मक प्रयास जारी है। उद्यमियों ने एचपीडीए के निर्देशानुसार स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) का गठन कर लिया है। जिसमें छह सदस्य को शामिल किया गया है। इस बाबत एचपीडीए को लिखित में सूचना दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि एचपीडीए द्वारा भी गठन संबंधित जानकारी के साथ सीईटीपी का संचालन शुरू कराने संबंधित पत्र राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को भेजा गया हैं। इसी क्रम में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सतीश महाना द्वारा शीघ्र फैक्टरियों के संचालन के लिए केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत को पत्र लिखा गया हैं।