पिलखुवा में ट्रांसपोर्टरों ने हड़ताल कर दिया धरना
पिलखुवा। पिलखुवा वस्त्र व्यापारी संघ पर कई आरोप लगाते हुए रविवार को शहर के ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर रहे। ट्रांसपोर्टरों ने मोदीनगर बस स्टैंड पर धरना दिया। उन्होंने संघ द्वारा ब्लैकलिस्ट दो ट्रांसपोर्टरों की वापसी की मांग की। हालांकि ट्रांसपोर्टरों और संघ के बीच हुई बात के बाद शाम को हड़ताल समाप्त हो गई।
पिलखुवा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के तत्वावधान में रविवार को नगर के ट्रांसपोर्टरों ने हड़ताल रखी। धरना देते हुए ट्रांसपोर्टरों ने पिलखुवा वस्त्र व्यापारी संघ पर गलत नीतियों का आरोप लगाया। आरोप है कि संघ द्वारा गलत नीतियों के चलते दो ट्रांसपोर्ट को ब्लैकलिस्ट किया गया है। ट्रांसपोर्टरों ने ब्लैकलिस्ट की गई फर्म को वापस लेने की मांग की गई है। ट्रांसपोर्टरों द्वारा हड़ताल किए जाने की घोषणा के बाद व्यापारियों एवं संघ के पदाधिकारियों में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंचे संघ के पदाधिकारियों ने ट्रांसपोर्टरों से बातचीत की और मामले का निपटारा किया। पिलखुवा वस्त्र व्यापारी संघ के प्रधान संदीप गोयल का कहना है कि संघ की नियमावली में यदि कोई फर्म समय पर पैसे का भुगतान नहीं करती है तो उस फर्म समेत उसकी सहयोगी फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टरों द्वारा इस नीति का विरोध किया जा रहा है। हालांकि धरना और हड़ताल समाप्त कर दी गई है। वहीं ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के चलते बड़े पैमाने पर माल की आवाजाही बाधित रही है।
गौरतलब है कि हैंडलूम नगरी पिलखुवा बेडशीट निर्मित करने के लिए विश्व में विख्यात है और रोजाना करोड़ों के माल का आवागमन होता हैं। ट्रांसपोर्टर की हड़ताल पर रहने के कारण व्यापारियों का रविवार को करोड़ों रुपये का माल नहीं जा सका। ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल से पिलखुवा के व्यापारियों को काफी नुकसान झेलना पड़ा।