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छिजारसी रजवाहे की पटरी टूटने से सैकड़ों बीघा फसल हुई जलमग्न

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मुआवजे के लिए प्रदर्शन करते ग्रामीण। - फोटो : PILAKHWA
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छिजारसी रजवाहे की पटरी टूटने से सैकड़ों बीघा फसल हुई जलमग्न
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पिलखुवा। छिजारसी रजवाहा की पटरी की मरम्मत न होने के कारण खेड़ा एवं सिखेड़ा के दर्जनों किसानों की सैकड़ों बीघा फसल डूब गई। वहीं रजवाहे का पानी गांव खेड़ा तक भी पहुंच गया। गुस्साए किसानों ने फसलों के मुआवजे व पटरी की मरम्मत के लिए सिंचाई विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
पिलखुवा के गांव छिजारसी के सामने से एक रजवाहा निकल रहा है। जिससे आसपास के गांवों के किसान अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं। लेकिन रजवाहे की सफाई न होने के कारण आए दिन पटरी टूटने से फसलों डूब जाती हैं। शुक्रवार को भी छिजारसी रजवाहे की पटरी टूटने से खेड़ा व सिखेड़ा के किसानों की फसलों जलमग्न हो गईं। किसानों ने बताया कि रहवाहे में पानी का स्तर बढ़ जाने के कारण 9 फरवरी को पटरी टूट गई थी। जिससे खेड़ा निवासी किसान महेंद्र, विजेंद्र, मनीष, रिंकू, विनोद, रामौतार, दामोदर, श्यौराज सिंह, किशन के अलावा सिखेड़ा के कई किसानों की फसल जलमग्न हो गई। वहीं रजवाहे का पानी खेड़ा गांव में भर गया। जिससे वहां भी जलभराव की स्थिति बन गई। शुक्रवार को किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। किसानों ने बताया कि पटरी के टूटने की जानकारी अधिकारियों कोे दी गई थी। लेकिन इसकी मरम्मत शुक्रवार को की गई। किसानों ने फसलों का उचित मुआवजा दिलाए जाने की मांग की हैं। प्रदर्शन करने वालों में तेजवीर सिंह, प्रेम, नरेंद्र कुमार, चरन सिंह, विनोद कुमार, सुरेंद्र, रज्जू, मुकेश, सतवीर, सुनील, अजब सिंह, ब्रह्म सिंह आदि रहे।
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एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी का कहना है कि मामला संज्ञान में आने के तत्काल सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजा गया तथा रजवाहे का पानी बंद कराकर पटरी की मरम्मत कराई गई। किसानों की नष्ट फसलों की जांच कराकर मुआवजे दिलाने का प्रयास किया जाएगा। किसानों को मुआवजा सिंचाई विभाग द्वारा दिया जाएगा।
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रजवाहे की सफाई नहीं होने के कारण टूटी पटरी
सिंचाई विभाग द्वारा रजवाहा की सफाई नहीं कराने से पटरी टूटी है। ग्रामीण तेजवीर सिंह का कहना है कि इस संबंध में कई बार अधिकारियों से रजवाहे की सफाई कराए जाने की मांग की। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। रजवाहा गंदगी, मिट्टी, घास आदि से अटा पड़ा है। जिससे पानी का स्तर बढ़ा और पटरी टूट गई।
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