कांवड़ यात्रा - चार जोन और 12 सेक्टर में बांटा जिला
हापुड़। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा 14 जुलाई से शुरू हो रही है, इसके लिए जिले को चार जोन और 12 सेक्टर में बांटा गया है। संवेदनशील स्थानों पर 15 अस्थाई पुलिस चौकी बनेंगी वहीं 1500 जवानों पर सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी रहेगी। जिले के 12 शिवालयों में इस बार पार्किंग और शिवभक्तों के रुकने की भी अच्छी व्यवस्था की जाएगी।
दो वर्ष तक कोरोना के कारण कांवड़ यात्रा बंद रही थी। हापुड़ से हर साल एक लाख से अधिक श्रद्धालु हरिद्वार, गौमुख, गंगोत्री और ब्रजघाट से जल लेने जाते हैं। इस साल शिवभक्तों की संख्या और अधिक बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन पर शांति व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी बढ़ गई है। कांवड़ शिविर संचालकों और शिवालय प्रबंध समिति के पदाधिकारियों से पुलिस, प्रशासन के अधिकारी बैठक भी कर चुके हैं। सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार कर लिया गया है, हापुड़ में चार प्रमुख मार्गों से शिवभक्त प्रवेश करेंगे, जिनकी निगरानी ड्रोन के जरिए होगी। माहौल बिगाड़ने वालों पर पुलिस की नजर रहेगी।
इन मार्गों से गुजरेंगे शिवभक्त
* पहला मार्ग-किठौर से नानपुर चौकी होते हुए गढ़मुक्तेश्वर में शिवभक्त प्रवेश करते हैं, यहां से स्याना रोड होते हुए बुलंदशहर रवाना होंगे।
* दूसरा मार्ग-मेरठ के शाहजहांपुर से डिबाई नहर होते हुए बक्सर पहुंचकर, एनएच-09 क्रॉस कर स्याना बॉर्डर की और आगे बढ़ जाते हैं।
* तीसरा मार्ग-मेरठ रोड से साइलो द्वितीय चौकी होते हुए शहर में प्रवेश करेंगे, बुलंदशहर रोड होते हुए आगे बढ़ जाते हैं।
* चौथा मार्ग-मोदीनगर की ओर से आने वाले शिवभक्त भोजपुर होते हुए जिले की सीमा में प्रवेश करेंगे।
(नोट: ब्रजघाट से जल लेकर कांवड़िये एनएच-09 से होते हुए आगे बढ़ते हैं।)
-कांवड़ यात्रा एक नजर में-
* चार जोन और 12 सेक्टर में बांटा जिला।
* सुरक्षा के लिए 1500 जवान स्थानीय पुलिस और तीन कंपनी बाहरी फोर्स।
* संवेदनशील स्थानों पर बनेंगी 15 अस्थाई चौकी, सभी पर सीसीटीवी लगेंगे।
* 30 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था।
* ड्रोन से होगी कांवड़ यात्रा की निगरानी।
* 24 घंटे मुस्तैद रहेगा पुलिस बल।
* कांवड़ शिविरों की लेनी होगी अनुमति।
* वर्ष 2019 में लगे थे 79 कांवड़ शिविर।
* पथ प्रकाश की रहेगी व्यवस्था।
शिविरों की लेनी होगी अनुमति
शिविरों की अनुमति एडीएम से लेनी होगी। साथ ही शिविर में सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में पुलिस अधिकारी कांवड़ शिविर संचालकों के साथ बैठक कर रहे हैं।
विभागों को दी जिम्मेदारी-
* एनएचएआई द्वारा हाईवे को गड्ढामुक्त किया जाएगा
* पीडब्ल्यूडी शहर की सड़कों की मरम्मत करेगा।
* सिंचाई विभाग नहर की पटरियों की साफ सफाई कराएगा।
*ऊर्जा निगम बिजली के खंभों और लाइन को ठीक करेगा।
* वन विभाग सड़कों के ऊपर आ रही पेड़ों की शाखाओं को कटवाएगा
* चिकित्सा विभाग एंबुलेंस गाड़ी और दवाओं की उपलब्धता बनाकर रखेगा।
कोट -
कांवड़ यात्रा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जोन और सेक्टर में जिले को बांटा गया है। पुलिस बल 24 घंटे मुस्तैद रहेगा। मंदिर प्रबंध समिति और शिविर संचालकों के साथ बैठकें भी की जा रही हैं।--सर्वेश मिश्र, एएसपी।