तीन महीने में बिजली चोरी के 1400 नोटिस, पांच करोड़ का लगा जुर्माना
हापुड़। कोरोना महामारी और विधानसभा चुनाव में जमकर बिजली की चोरी करने वालों की अब खैर नहीं है, ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने महज तीन महीने के अभियान में हापुड़ डिवीजन के अंदर 1400 से अधिक चोरियां पकड़ी हैं, जिन्हें नोटिस जारी कर पांच करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। पिछले तीन सालों के आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल के तीन महीने में ही तीन गुना से अधिक चोरियां पकड़ी जा चुकी हैं।
दो अप्रैल 2020 को जिले में पहला कोरोना का मामला सामने आया था, इससे पहले ही लॉकडाउन लगा दिया गया। ऐसे में बिजली कर्मचारियों ने चेकिंग अभियान रोक दिया, दो साल तक कोरोना का भयंकर प्रकोप रहा। ऐसे में बिजली कर्मी भी गांव, मोहल्लों के अंदर नहीं पहुंच सके। इसका फायदा उठाकर बिजली की चोरी बड़े स्तर पर शुरू हो गई।
लाइनलॉस 45 फीसदी से भी ऊपर निकल गया, इसके बाद विधानसभा चुनाव के कारण अधिकारी नरमी बरतने लगे। मार्च 2022 में नई सरकार के गठन के साथ ही बिजली चोरी रोकने का अभियान बड़े स्तर पर शुरू हुआ। इसका बड़ा कारण यह भी है कि हापुड़ से सटे मेरठ की दक्षिणी सीट से विजेता सोमेंद्र तोमर जो वर्तमान में ऊर्जा राज्यमंत्री भी हैं, वह खुद ही अभियानों की मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
महज तीन महीने के अंदर ही 1400 बिजली चोरों को नोटिस जारी किया गया है। इसमें जुर्माना की राशि पांच करोड़ से भी अधिक है। बड़ी बात यह है कि कोरोना से पहले भी एक साल में बमुश्किल 800 से 900 बिजली चोरी के नोटिस जारी होते थे। हापुड़ शहर के दिल्ली रोड बिजलीघर के बुलंदशहर रोड वाले फीडरों पर अभी भी लाइनलॉस 35 फीसदी से अधिक चल रहा है।
हापुड़ डिवीजन से जारी नोटिस की स्थिति
वर्ष बिजली चोरी के नोटिस
2019 892
2020 382
2021 495
2022 1400 (25 जून तक)
कोट-
बिजली की चोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसडीओ, अवर अभियंताओं के कार्रवाई के सख्त आदेश दिए गए हैं। लाइनलॉस कम करने के लिए बिजली चोरी रोकनी होगी। नोटिस जारी किए जा रहे हैं।--मनोज कुमार, अधिशासी अभियंता।