जिला न्यायालय की स्थापना के लिए सड़क पर उतरेंगे अधिवक्ता
हापुड़। जिला बनने के 11 साल बाद भी हापुड़ में जिला न्यायालय की स्थापना नहीं हो पाई है। ऐसे में अधिवक्ताओं ने अब सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। एक जुलाई को अधिवक्ता अनिश्चितकालीन धरने के अलावा पैदल मार्च करते हुए कचहरी से कलक्ट्रेट तक पैदल मार्च करेंगे। शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने हापुड़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर वकालत करने में असमर्थता जताई है।
अधिवक्ता शिवकुमार शर्मा ने बताया कि जनपद हापुड़ को जिला बने 11 वर्ष बीत चुके है। लेकिन आज भी जिला न्यायालय स्तर के कार्य पुरानी कचहरी में ही किए जा रहे है। जबकि अधिवक्ताओं व न्यायालयों की संख्या वर्तमान में अत्यधिक है। इसके अलावा कुछ न्यायालय कचहरी प्रांगण से अलग स्थानों पर चल रहे है। जिसके कारण अधिवक्ताओं एवं वादकारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री से पत्राचार व स्वयं उपस्थित होकर जिला न्यायालय के स्थापना की मांग की गई। लेकिन आजतक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। अधिवक्ता गजेंद्र तोमर ने बताया कि सरकार ने जिले में डीएम व एसपी कार्यालय सहित अन्य विभागों के कार्यालयों को बनवा दिया है। लेकिन जिला न्यायालय की स्थापना के लिए सरकार का कोई ध्यान नहीं है। सभी अधिवक्तागण एक जुलाई को पूर्ण रूप से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे और कचहरी से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च कर आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में अधिवक्ता पंकज कुमार, सोनू कुमार, मोइन खान, विमल शर्मा, प्रदीप कुमार, शिवेंद्र रावत, सतबीर सिंह, ओमेंद्र सिंह, दीपक शर्मा, मोहित वर्मा, राहुल कुमार, हेमलता रानी, कविता शर्मा उपस्थित रहीं।