मुख्यमंत्री राहत कोष से दिलाया जाएगा मृतकों के परिजनों को मुआवजा
हापुड़। धौलाना के यूपीएसआईडीसी स्थित एक अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट के बाद 13 मौत और 20 घायलों के परिजनों को मुआवजे के लिए जिला प्रशासन ने शासन को पत्र लिखा है। जिला प्रशासन ने मृतकों और घायलों को मुख्यमंत्री राहत कोष से मुआवजा देने की मांग की है।
हादसे के बाद 12 लोगों की उसी दिन मौत हो गई थी। जबकि 21 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। उपचार के दौरान रविवार को एक ओर मजदूर की मौत हो गई थी। लेकिन मजदूरों का श्रम विभाग में रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण मुआवजे पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
हालांकि जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों और घायलों के परिजनों को मुआवजा दिए जाने के लिए शासन को पत्र भेजा है। एसडीएम धौलाना की रिपोर्ट पर यह मांग शासन को भेजी गई है।
किसान संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
धौलाना। किसान संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसील मुख्यालय पर ज्ञापन सौंप कर मृतकों के परिजनों को 50 लाख और आग में झुलसे पीड़ितों को 25 लाख की आर्थिक मदद दिलाने की मांग की है। इसके अलावा क्षेत्र में अवैध रूप से चल रही फैक्टरियों के खिलाफ कार्रवाई करने और दोषियों को जेल भेजने की मांग की। किसान मजदूर संगठन जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना से लेकर आज तक ऐसा हादसा नहीं हुआ। औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों की स्मृति में मजदूर भवन की स्थापना की जाए। संगठन के प्रदेश प्रवक्ता व महासचिव ब्रहम सिंह राणा ने कहा कि घटना की शासन निष्पक्ष जांच के आदेश दे। ज्ञापन सौंपने वालों में वीर सिंह सिसौदिया, राम अवतार सिंह, वकील अहमद, धर्मपाल, महेश तोमर, अशोक कुमार, गजेंद्र तोमर, जसवीर सिंह, सुनील अडवाणी, जसवीर सिंह, करत सिंह, सतेन्द्र सिंह, राजवीर, देवेंद्र शर्मा, पूरन सिंह, राजेश शर्मा, धमेंद्र, अजित कुमार, राजेन्द्र सिंह शामिल रहे।