बैंक में ठगी करने वाले तीन शातिर गिरफ्तार
हापुड़। बैंकों में लोगों से ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को थाना सिंभावली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी बैंक में रुपये जमा करने व निकालने वालों को अपना शिकार बनाते थे। उन्हें नोटों के बजाय कागज की गड्डी थमाकर पैसा लूटकर फरार हो जाते थे। पुलिस को चकमा देने के लिए वाहनों पर प्रेस लिखवा लेते थे। इनके पास से न्यूज चैनलों की फर्जी आईडी, 80 हजार रुपये और दो कार बरामद हुई हैं।
एसपी दीपक भूकर ने बताया कि थाना सिंभावली क्षेत्र के गांव खागोई निवासी नजाकत ने थाने में तहरीर दी थी कि 22 दिसंबर 2021 को वह बैंक से रुपये निकालकर घर लौट रहा था। बैंक के बाहर उसे दो अज्ञात युवक मिले थे। जिन्होंने बैंक में 15 हजार रुपये जमा कराने की बात कही थी। अधिक रुपये देने के झांसे में फंसाकर उससे पांच हजार रुपये ठगकर फरार हो गए। आरोपी उसे रद्दी से बनी गड्डी थमा गए थे। इसके अलावा टोडलपुर निवासी छज्जू सिंह से 50 हजार रुपये की ठगी हुई थी।
मंगलवार को थाना सिंभावली प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र सिंह को सूचना मिली कि ठगी में शामिल आरोपी जिला मेरठ के परीक्षितगढ़ क्षेत्र स्थित पंजाब नेशनल बैंक में मौजूद है। यहां से पुलिस ने मूल निवासी बिहार के जिला मधुबनी के थाना बेनीपट्टी क्षेत्र के बेहटा और हाल निवासी जिला गाजियाबाद के थाना साहिबाबाद क्षेत्र के गांव हरथला मोहनगर निवासी अमरजीत झा, जिला कासगंज के थाना अमापुर क्षेत्र के नादरमई निवासी योगेश और जिला गाजियाबाद के थाना इंदिरापुरम के वसुंधरा निवासी नवीन उर्फ लक्की को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी ने बताया कि ये लोग पहले रद्दी के नोटों की एक गड्डी बनाते थे। गड्डी में ऊपर और नीचे की तरफ असली नोट लगाते थे। गड्डी को रुमाल या कपड़े से बांध देते थे। बैंक में भोले-भाले लोगों, बुजुर्ग और महिलाओं को निशाना बनाते थे। ठगने के लिए ऐसे लोगों को नोटों की तीन-चार गड्डियां दिखाई जाती थीं। कहा जाता था कि वह अपने मालिक के नोटों की गड्डियां चुराकर भागे हैं। उन्हें पकड़े जाने का डर है। रुपये उसे बैंक में जमा करने हैं, लेकिन आधार कार्ड और पैन कार्ड नहीं है। आप कुछ रुपये या जेवरात देकर इन गड्डियों को ले सकते हैं। इन्हीं झांसे में आकर लोग अधिक रुपये के लालच में कम रुपये दे देते थे।
20 से 25 हजार के कमीशन का देते थे झांसा
इसके अलावा ये लोग बैंक में रुपये जमा करने के लिए लोगों को 20 से 25 हजार का कमीशन का भी झांसा देते थे। इन लोगों का एसनसीआर समेत उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार तक नेटवर्क था। उत्तराखंड पुलिस वर्ष 2019 में ठगी के मामले में आरोपियों को जेल भेज चुकी है। एसपी ने बताया कि गिरोह का सरगना योगेश है। गाजियाबाद के विजय नगर में वह छोले-भटूरे का ठेला लगाता था। दस साल पहले उसकी दोस्ती नवीन और अमरजीत से हुई थी। पत्रकार बनकर ये लोग पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार हो जाते थे।