मासूम से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास की सजा
हापुड़। अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने पांच वर्षीय मासूम का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म के मुकदमे में मंगलवार को निर्णय सुनाया। न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख पांच हजार रुपये का अर्थ दंड भी लगाया है। पीड़िता को अर्थदंड की एक लाख रुपये की धनराशि व पुनर्वास के लिए दो लाख रुपये की धनराशि देने के भी कोर्ट ने आदेश किए। कोर्ट ने पंद्रह माह में ही मामले में सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया कि 18 फरवरी 2021 को सिंभावली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ने थाने में तहरीर दी थी। जिसमें उसने कहा कि उसकी पांच वर्षीय पुत्री अपनी सात वर्षीय बड़ी बहन के साथ गांव में ही ट्यूशन पढ़कर घर वापस आ रही थी। तभी रास्ते में एक बाइक सवार उनकी छोटी पुत्री को उठाकर अपने साथ ले गया था, यह बात उसकी बड़ी पुत्री ने घर आकर बताई। जिस पर उनके द्वारा पुत्री की काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली की थाना किठौर क्षेत्र के गांव महलवाला के जंगल में गंभीर हालत में एक मासूम बच्ची मिली है। पुलिस व परिजनों ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को बरामद किया। जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच की। पुलिस ने अपहरण स्थल से लेकर बच्ची के गंभीर हालत में मिलने के स्थान के बीच में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। जिसमें पुलिस को पता चला कि अनुज पुत्र तिलकचंद निवासी गांव गोविंदपुरी थाना किला परीक्षितगढ़ मेरठ ने बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म किया था। पुलिस ने उसे आरोपी बनाते हुए अपहरण व दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया।
इस मामले की सुनवाई अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट में चल रही थी। जिसमें दोनों पक्षों ने अपने-अपने पक्ष कोर्ट के समक्ष रखे। जिसमें विशेष लोक अभियोजक ने कोर्ट के समक्ष मामले से संबंधित पंद्रह गवाह पेश किए। साथ ही पुलिस ने कोर्ट के समक्ष सीसीटीवी कैमरों की कई फुटेज प्रस्तुत की। जिसमें आरोपी मासूम बच्ची को बाइक पर ले जाता हुआ दिखाई दे रहा था। इसके अलावा विशेष लोक अभियोजक ने कई मजबूत साक्ष्य कोर्ट के समक्ष रखते हुए घटना को जघन्य अपराध बताते हुए आरोपी को मृत्यु दंड देने की मांग की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने मंगलवार को मुकदमे में निर्णय सुनाया। जिसमें न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने आरोपी अनुज को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। साथ ही आदेश किया की अर्थदंड की पूर्ण धनराशि पीड़िता को दी जाएगी। इसके अलावा न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने आदेश किए कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पीड़िता के पुनर्वास के लिए दो लाख रुपये की राहत राशि दे। यदि प्राधिकरण के पास फंड न हो तो इस इस स्थिति में जिलाधिकारी एक माह के अंदर उक्त राशि पीड़िता को दे।
ससुराल से लौटने के दौरान किया था अपहरण
पुलिस जांच में पता चला था कि आरोपी सिंभावली क्षेत्र स्थित अपनी ससुराल से लौट रहा था। मौके से बीयर की बोतल भी पुलिस ने बरामद की थी। बड़ी बात है कि आरोपी ने बच्ची के साथ खासी दरिंदगी की थी। कई दिन अस्पताल में रहने के बाद बच्ची की जान बची थी। पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। इस दौरान उसके पैर में गोली भी लगी थी।