फर्जी दस्तावेज से जमानत दिलाने वाले गैंग के पांच सदस्य पकड़े
हापुड़। जेल में बंद अभियुक्तों के फर्जी ढंग से रिश्तेदार और परिचित बनकर जमानत कराने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अभी तक आरोपी करीब डेढ़ सौ अभियुक्तों की जमानत करा चुके थे। इससे पहले भी पुलिस ने इस गैंग से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया था। इनके खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
एसपी दीपक भूकर ने बताया कि पिछले दिन पुलिस ने फर्जी ढंग से जमानतनामा और बंधपत्र तैयार कर जेल में बंद अभियुक्तों की जमानत कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। इन लोगों से पूछताछ से गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में इनपुट मिला था। जिनकी गिरफ्तारी के लगातार प्रयास किए जा रहे थे। एसपी ने बताया कि शनिवार को कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सोमवीर सिंह टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इस दौरान सूचना मिली कि गिरोह में शामिल पांच फर्जी जमानती तहसील चौराहे पर खड़े हैं। सूचना पर वह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने पांचों को पकड़ लिया। आरोपियों की पहचान मोहल्ला शिवगढ़ निवासी मुकेश, विरेंद्र, गांव सरावा निवासी रामसिंह, गांव गोयना निवासी सुंदर और राजकुमार के रूप में हुई है।
एसपी ने बताया कि मुकेश ने छह, विरेंद्र ने पांच, रामसिंह ने चार, सुंदर ने तीन और राजकुमार ने दो मुकदमों में जमानत ली है। अभी तक 100 से अधिक अभियुक्तों के नाम प्रकाश में आए हैं। जिनकी फर्जी ढंग से जमानत कराई गई है। जमानत के संबंध में न्यायालय में जमा प्रपत्रों को पुलिस एकत्र कर रही है। इसके बाद अभियुक्तों की जमानत निरस्त कराई जाएगी। गिरोह के सदस्यों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इनके बाकी साथियों की तलाश भी कर रही है।