कोरोना : कागजों में मरने वाले 216, मदद के लिए 464 ने किया आवेदन
हापुड़। जिले में कोरोना से 216 नहीं, बल्कि इसके कहीं ज्यादा हैं। शासन ने आर्थिक मदद के लिए आवेदन मांगें तो आवेदकों की संख्या स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में दर्ज मृतकों की संख्या से कहीं अधिक पहुंच गई, जिनका भौतिक सत्यापन शुरू करा दिया गया है। पात्रों के खातों में 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भेजी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, कोरोना का पहला मामला जिले में 2 अप्रैल 2020 को सामने आया था, जबकि पहली मौत जून महीने में दर्ज हुई थी। पहली लहर में करीब 38 लोगों की मौत हुई थी, जबकि दूसरी लहर में यह आंकड़ा बढ़कर 216 तक पहुंच गया। स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर आज तक मौत का आंकड़ा 216 ही दर्ज है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शासन द्वारा कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की थी। अब तक सरकारी आंकड़ों में दर्ज 216 नामों के अलावा 253 मृतकों के परिजनों की ओर से आर्थिक मदद के लिए आवेदन किया जा चुका है।
पोर्टल पर दर्ज 216 में 65 का खोजा जा रहा पता
स्वास्थ्य विभाग ने 216 मौत का आंकड़ा पोर्टल पर दर्ज किया था। इसमें 151 के खातों में पैसा भेजा जा चुका है, लेकिन 65 की खोज अभी नहीं हो सकी है। जिनके परिजनों की तलाश की जा रही है।
253 ने दिए आवेदन, 40 का हो चुका सत्यापन
शासन की घोषणा के बाद जिले से करीब 253 मृतकों के परिजनों ने आवेदन किया है। इसमें 40 का भौतिक सत्यापन कर, उनके खातों में पैसा भेजा जा रहा है, 170 आवेदन भरकर जमा किए जा चुके हैं, बाकी का भी सत्यापन जारी है।
आरटीपीसीआर, एंटीजन रिपोर्ट है तो करें आवेदन
जिन परिवारों ने कोरोना में अपने किसी को खोया है, वह आरटीपीसीआर या एंटीजन जांच की रिपोर्ट लेकर आपदा विभाग में आवेदन कर सकते हैं। उन्हें योजना का लाभ दिया जा सकेगा।
सैकड़ों नाम रिकॉर्ड से गायब
कोरोना की दूसरी लहर में ऐसा कोई गांव, मोहल्ला नहीं बचा था जहां मौत नहीं हुई। बहुत से मरीजों की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई, उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में गिना ही नहीं जाता। क्योंकि उनकी उस समय जांच ही नहीं हो सकी थी। यदि सही से सत्यापन हो तो यह संख्या काफी बड़ी हो सकती है।
जिला अस्पताल में हुई मौत, मृत्यु प्रमाणपत्र में कोविड का जिक्र नहीं
मोहल्ला सूर्य विहार की रहने वाली राधा शर्मा ने बताया कि उसके पति सोनू शर्मा की मौत कोरोना की दूसरी लहर में हुई थी। सांस लेने में समस्या होने पर सोनू को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। काफी मन्नतों के बाद मृत्यु प्रमाणपत्र बना, लेकिन उसमें कोविड का जिक्र नहीं किया गया। घर की हालत खराब है, ऐसे में उसे प्रोत्साहन राशि का लाभ नहीं मिल सका है।
जिले में कोरोना जांच, मृतकों की स्थिति
कुल जांच----830480
कुल मरीज---12313
स्वस्थ मरीज--12097
एक्टिव मरीज--00
मौत--------216
-शासन को भेजी जा चुकी है मृतकों की सूची-
पोर्टल पर कोविड से 216 मौतें दर्ज हैं, यह सूची शासन को पूर्व में ही प्रेषित की जा चुकी है। यहां के अस्पतालों में कोविड से जितनी मौतें हुई, सभी पोर्टल पर दर्ज करायी गई हैं।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।
253 ने किया है आवेदन
जले में कोविड से मृतकों के 253 आवेदन आए हैं, जिनका भौतिक सत्यापन किया जा रहा है, 40 का सत्यापन हो चुका है। जिनके खातों में पैसा भेजा जा रहा है।-गजेंद्र सिंह बघेल, जिला आपदा कॉर्डिनेटर