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डेडिकेटिड फ्रेट कोरिडोर: मांग पर अड़े किसान, अटक गया निर्माण

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हाईवे 9 के ऊपर से गुजरता डीकेटिड फ्रेट कॉरिडोर रेलवे ट्रेक - फोटो : HAPUR
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डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर : मुआवजे की मांग पर अड़े किसान, अटक गया निर्माण
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हापुड़। कोलकाता से लेकर लुधियाना तक बनाए जा रहे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का काम अटक गया है। रघुनाथपुर, कांवी, गिरधरपुर, तुमरैल के कुछ किसानों ने अधिक मुआवजे की मांग कर रहते हुए मुआवजा नहीं उठाया हं। ऐसे में अभी तक भूमि अधिग्रहित न होने के कारण काम पिछड़ सकता है। जिले में मार्च 2022 तक इसका निर्माण पूरा होना है।
माल परिवहन की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को 15 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। इसमें निर्माण के लिए 8870 करोड़, जमीन अधिग्रहण के लिए 4 हजार करोड़ और विद्युतीकरण के लिए 2500 करोड़ रुपये लागत की व्यवस्था की गई है। खुर्जा से सहारनपुर के बीच 222 किलोमीटर क्षेत्र में बन रहे सिंगल ट्रैक का अधिकतर कार्य पूरा कर दिया गया है। योजना के तहत क्षेत्र में 20 पासिंग स्टेशन बनेंगे। कुल मिलाकर इस महत्वाकांक्षी योजना से हापुड़ और आसपास के जिलों के व्यापारी, किसान वर्ग को लाभ मिलेगा। जिले में ट्रैक बिछाने का काम भी शुरू हो चुका है। बुलंदशहर जिले की सीमा की ओर से हाफिजपुर थाना क्षेत्र के गांव हृदयपुर के आगे तक ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो गया है। यहां चार बड़े पुल और इसके अलावा कुल 44 में से 25 अंडरपास लगभग बन गए हैं।
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अब जिले के गांव रघुनाथपुर, कांवी, गिरधरपुर, तुमरैल में कुछ किसानों ने की मांग है कि उनकी भूमि के सर्किल रेट अधिक होने के कारण उन्हें मुआवजा बढ़ाकर दिया जाए। ऐसे में इन स्थानों पर कॅरिडोर का निर्माण अटका हुआ है। उन्होंने मुआवजा नहीं उठाया है। जिले में इसके लिए 340 करोड़ का मुआवजा वितरित होना था, जिसमें से दस करोड़ का मुआवजा अभी नहीं दिया गया है।
मंडलायुक्त ने दिए अधिकारियों को निस्तारण के आदेश -
मेरठ मंडलायुक्त ने फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए हापुड़ सहित संबंधित जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। हाल ही में आयोजित बैठक में इन मामलों को निस्तारित करने के आदेश दिए गए हैं और किसानों से वार्ता कर मामलों को सुलझाने के लिए कहा गया है।
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जिले के कुछ गांवों में किसानों ने अपना मुआवजा नहीं उठाया है, उन किसानों से वार्ता कर उन्हें मुआवजा वितरित कराया जाएगा। समय से कार्य पूरा कराया जाएगा। - एडीएम, श्रद्धा शांडिल्यायन
एक नजर में फ्रेट कॉरिडोर योजना --
कुल किलोमीटर - 1856 (कोलकाता से लुधियाना तक)
डबल ट्रैक - 1409 किमी (बंगाल के दनकौनी से खुर्जा तक)
सिंगल ट्रैक - 447 किमी (खुर्जा से लुधियाना तक)
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