सजे-धजे स्कूलों में पहुंचे 45 फीसदी बच्चे
हापुड़। कोरोना महामारी में करीब पांच महीने बाद कक्षा छह से आठवीं तक के स्कूल मंगलवार को खुल गए। बच्चों के स्वागत में रंगबिरंगे गुब्बारों से सजाया गया। पहले दिन छात्रों का शिक्षकों ने माला पहनाकर स्वागत किया। पहले दिन उपस्थिति 45 प्रतिशत ही रही, दो पालियों में कक्षाएं चलायी गई। सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था रही। नगर और खंड शिक्षा अधिकारियों ने स्कूलों का निरीक्षण किया।
कोरोना की दूसरी लहर के चलते 24 मार्च से कक्षा 6 से आठवीं तक के स्कूलों को बंद कर दिया गया था। अब संक्रमण का प्रकोप कम होने के बाद मंगलवार से स्कूलों को खोला गया। पहले दिन छात्रों के लिए स्कूलों को भव्य रूप से सजाया गया। रंग बिरंगे गुब्बारे और रंगोली आकर्षण का केंद्र रहे। सुबह 8 बजे छात्र पहली पाली में पहुंचे।
वहां, छात्रों को मास्क लगाकर व माला पहनाकर कक्षाओं में प्रवेश दिया गया। इसके साथ ही स्टाफ ने प्रत्येक छात्र/छात्रा की थर्मल जांच की, तापमान सामान्य मिलने पर कक्षाओं में भेजा गया। वहीं, नगर और खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपने अपने क्षेत्रों में स्कूलों का निरीक्षण किया।नगर शिक्षा अधिकारी राशिद ने बच्चों का स्वागत करने के साथ ही उनका मनोबल भी बढ़ाया।
पहले दिन 45 प्रतिशत रही उपस्थिति
जिले में पांच महीने बाद खुले स्कूलों में पहले दिन छात्रों की संख्या कम ही रही। दोनों पालियों में करीब 45 प्रतिशत छात्र ही उपस्थित हुए। ऐसे में शिक्षकों ने फोन आदि के लिए अभिभावकों से बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की।
स्कूलों में बना हेल्प डेस्क
स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा की दृष्टि से कोरोना हेल्प डेस्क की भी व्यवस्था कराई गई। इसमें छात्रों को संक्रमण से बचाव की जानकारी दी गई। जिन छात्रों के पास मास्क नहीं थे, उन्हें मास्क मुहैया कराए गए।
सोशल डिस्टेंसिंग से बैठे बच्चे
स्कूलों में कक्षाओं के अंदर भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर ही सिटिंग प्लान तैयार किया गया था। एक बैंच पर सिर्फ एक ही छात्र को बैठाया गया, इससे दूसरे की दूरी दो गज से भी अधिक रखी गई।
पहले दिन मस्ती की पाठशाला
कक्षाओं में करीब पांच महीने बाद लौटे बच्चों का शिक्षकों ने मनोरंजन कराया। सामान्य पाठ्यक्रम की जानकारी देने के साथ की अंताक्षरी, संगीत आदि से बच्चों का मन बहलाया।
बच्चों की सुरक्षा का रखें ध्यान
कक्षा 6 से आठवीं तक के स्कूलों को बच्चों के लिए खोल दिया गया है। स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है। मास्क, सेनेटाइजर की व्यवस्था करायी गई है। छात्र स्कूल जाकर पढ़ाई करें।--अर्चना गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।