फूफा को फंसाने के लिए कर दी दादा-दादी की हत्या
हापुड़। मकान पर कब्जे और रिश्तेदार को फंसाने के लिए मोहल्ला कोटला मेवतियान में पोते ने अपने बुजुर्ग दादा-दादी की देर रात चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। हालांकि आरोपी ने इसे लूट दर्शाने का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ करने के बाद आरोपी ने गुनाह कुबूल कर लिया। इससे पहले पुलिस ने फोरेंसिक व डॉग स्क्वाड टीम के साथ मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। पुलिस ने आरोपी पोते को गिरफ्तार कर चाकू और नाक की लौंग बरामद कर ली है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोटला मेवतियान में एक मिनार मस्जिद के पास फैजुल हसन (90) अपनी पत्नी फैय्याजी (85) के साथ 25 गज के छोटे से मकान में रहते थे। दंपती के पांच बेटे हैं। पांचों पुत्र अपने अपने परिवारों के साथ अलग रहते हैं। फैजुल हसन घर में ही परचून की दुकान चलाते थे। बृहस्पतिवार सुबह फैजुल के पोते जुबैर पुत्र इस्तेकार ने पड़ोसियों को सूचना दी कि उनके दादा-दादी की किसी ने हत्या कर दी है और उनके खून से लथपथ शव घर में पड़े हैं। बुजुर्ग का शव दुकान में पटरे पर पड़ा मिला था। लोगों ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी पुलिस को दी।
सीओ एसएन वैभव पांडेय, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सोमवीर सिंह मौके पर पहुंच गए। बाद में एसपी नीरज कुमार जादौन और एएसपी सर्वेश मिश्रा भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। पोते ने बताया कि उसकी दादी की नाक की लौंग गायब है।
एसपी नीरज जादौन ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल गहनता से कराई गई तो कुछ तथ्य सामने आए। मृतक के पोते जुबैर को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई तो पता लगा कि वह करीब सवा महीने से अपने दादा के घर में बने ऊपर वाले कमरे में रह रहा था और वहीं पर दर्जी का काम कर रहा था।
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पड़ोस में रहने वाले फूफा के बेटे की हत्या करना चाहता था जुबैर
पुलिस के अनुसार उसका पड़ोस में रहने वाले अपने फूफा रहीसुद्दीन के लड़के जीशान से झगड़ा चल रहा था। फूफा भी हिस्ट्रीशीटर बताया गया है। कई बार दोनों के बीच मारपीट हुई थी। दादा हमेशा फूफा के बेटे जीशान का पक्ष लेता था। उधर, जुबैर जीशान को ठिकाने लगाने की ताक में था। अपने नाबालिग भाई के साथ जीशान की हत्या की बात करते समय दादा ने उसे सुन लिया था। जिससे दादा नाराज था और आरोपी की यह बात रिश्तेदारों को बताने और जीशान की हत्या करने के बाद इसका खुलासा दादा द्वारा पुलिस के सामने करने का डर था। ऐसे में दादा को रास्ते से हटाने के लिए उसने कुछ दिन पहले ही उसने चाकू खरीदा था। बृहस्पतिवार देर रात उसने दुकान पर बैठे अपने दादा पर धावा बोल दिया और गला रेतकर उनकी हत्या कर दी। दादी की आंख खुलने पर उसकी भी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया है।
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मकान हड़पने का भी था प्लॉन
जुबैर मकान के ऊपरी हिस्से में दर्जी का काम करता था। लेकिन, उसका काम पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं चल रहा था और वह आर्थिक तंगी का भी सामना कर रहा था। सवा महीने पहले ही वह यहां आया था। जबकि दादा फैजुल हसन और उनकी पत्नी फैय्याजी दोनों अपने 25 गज के मकान में रहते थे। उसकी नजर इस मकान पर भी और वह पारिवारिक विवाद के चलते फूफा को भी सबक सिखाना चाहता था। उसके बेटे जीशान से भी जुबैर का झगड़ा चल रहा है।
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खून के छींटे धोए और साइकिल की गद्दी के नीचे माचिस में छिपाई नाक की लौंग
हत्या से पहले जुबैर ने फुल प्रूफ प्लांनिंग की थी। हत्या के बाद उसने इत्मीनान से खून के छींटे धोए। खून कपड़ों पर न लगे इसके लिए उसने शर्ट उतार दी और लोवर को घुटनों तक चढ़ा लिया। ताकि खून के धब्बे उस पर नहीं लगें। इसके बाद बेरहमी से उसने दादा और दादी की चाकू से गोदकर और इसके बाद गला रेतकर हत्या कर दी। आरोपी को चल फिरने में नाकाम में दादी पर भी रहम नहीं आया। कमजोरी के कारण अक्सर वह बिस्तर पर ही रहती थी। हत्या के बाद उसने दादी की नाक की लौंग माचिस की डिब्बी में रखकर साइकिल की गद्दी के नीचे छिपा दी थी, लेकिन पुलिस की पूछताछ में आरोपी टूट गया।
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सीसीटीवी की मदद से खुल गया पूरा मामला
इस पूरे मामले को खोलने में गली में लगा एक सीसीटीवी कैमरा काफी मददगार साबित हुआ। पुलिस ने जब फुटेज खंगाली तो पता चला कि आरोपी का नाबालिग भाई देर रात कुछ लेकर घर से निकला था। पुलिस ने सबसे पहले नाबालिग से ही पूछताछ की तो उसने सारा मामला उगल दिया। एएसपी सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि जुबैर ने हत्या करने के बाद अपने नाबालिग भाई की मदद ली। उसने हत्या में प्रयुक्त चाकू उसने बुलंदशहर रोड पर बह रहे नाले में फेंकने के लिए कहा था। इसी के आधार पर पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया।