गेहूं खरीद केंद्रों पर चार दिन से तौल ठप, किसानों ने किया हंगामा
हापुड़। गेहूं खरीद केंद्रों पर तौल ठप होने से किसान परेशान हैं। चार दिनों से किसान केंद्रों के बाहर डटे हुए हैं, लेकिन पीओएस मशीन में कनेक्टिविटी न होने के कारण अधिकारी गेहूं खरीदने से इंकार कर रहे हैं। जिले के 14 केंद्रों में से सिर्फ नई मंडी के केंद्र पर ही तौल हो रही है, यहां भी पूरी क्षमता से काम नहीं किया जा रहा। गोहरा आलमगीरपुर के केंद्र पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। अन्य केंद्रों पर ही इसी तरह मारामारी मची रही।
जिले में गेहूं खरीद एक अप्रैल से शुरू हुई थी। इसके लिए जिले में 31 केंद्र बनाए गए। इस बार बिना लक्ष्य तय किए गेहूं की खरीद की गई। यही कारण रहा कि बीते वर्षों के मुकाबले इस बार रिकॉर्ड गेहूं की खरीद हुई है। 15 जून तक गेहूं खरीद की तिथि घोषित हुई थी, हालांकि शासन द्वारा इसे बढ़ाकर 22 जून घोषित कर दिया गया है।
लेकिन जब से तिथि बढ़ी है तब से केंद्रों पर तौल ही नहीं हो रही है। केंद्रों की संख्या 31 से घटाकर 14 कर दी गई है, इनमें अधिकांश पर बीते तीन दिन से तौल ही नहीं हो सकी है। ऐसे में किसान कई दिनों से दिनरात क्रय केंद्रों के बाहर ही डटे हुए हैं।
धीमी तौल पर किसानों ने किया हंगामा
गढ़ रोड स्थित नवीन कृषि मंडी में धीमी प्रक्रिया से तौल हो रही है। किसान बीते चार दिनों से अपनी बारी का इंतजार करते मिले। इस पर नाराज किसानों ने यहां हंगामा भी किया। जिसके बाद पुलिस को बुलाना पड़ा और नंबर लिखवाने की व्यवस्था पुलिस चौकी पर ही करानी पड़ी। इस संबंध में केंद्र पर नोटिस भी चस्पा कर दिया गया। केंद्र के बाहर दर्जनों ट्रैक्टर ट्रॉलियों गेहूं से लदी खड़ी थी और इंतजार में थके किसान सो रहे थे।--फोटो संख्या--12
तीन दिन से तौल बंद, भाकियू का प्रदर्शन
गोहरा आलमगीरपुर के क्रय केंद्र पर तीन दिन से तौल बंद है। बृहस्पतिवार को भाकियू भानु के कार्यकर्ताओं ने केंद्र पर पहुंचकर जानकारी की तो अधिकारियों ने पीओएस मशीन न चलने की बात कही। इसके विरोध में भाकियू ने हंगामा शुरू कर दिया। लेकिन देर शाम तक भी खरीद शुरू नहीं हो सकी। हंगामा करने वालों में पवन हूण, रूपराम सिंह, रामकुमार आर्य, रूपराम, प्रवेश हूण, राम आसरे नागर, बिजेंद्र, योगेश, मंगते, राजपाल, सोनू, टीटू, देवेंद्र शर्मा आदि।
सिस्टम अपडेट न होने से तौल बंद
अल्लीपुर स्थित गेहूं खरीद केंद्र पर सिस्टम अपडेट नहीं होने के कारण तौल बंद थी। यहां किसान मशीन चालू होने का इंतजार बीते तीन दिन से कर रहे हैं। लेकिन अधिकारी मामला उच्चस्तरीय बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। ऐसे में तिथि बढ़ने के बाद भी यहां के किसानों को कोई राहत नहीं मिल सकी है। अधिकारियों से शिकायत पर भी किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
सुनिए किसानों का दर्द
एक माह पहले कराया था रजिस्ट्रेशन
गांव छतनौरा निवासी किसान ब्रिजेश का कहना है कि चार दिन से वह नई मंडी में ही हैं। एक महीने पहले रजिस्ट्रेशन कराया था। लेकिन जिस केंद्र पर जाते वह दूसरे पर भेज देता। अब चार दिन से इसी इंतजार में हैं कि उनका गेहूं बिक जाए।
अधिकारी नहीं दे रहा ध्यान
झंडा मुर्शदपुर निवासी रोहन नागर ने बताया कि कई सप्ताह पहले रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं। लेकिन केंद्रों पर गेहूं की खरीद नहीं हो सकी है। अब जिस भी केंद्र पर जाते हैं वहां मशीन चालू नहीं मिलती। स्थानीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
गेहूं बिक्री के चक्कर में भूख-प्यास भूले
छतनौरा निवासी मुकेश का कहना है कि दिनरात केंद्रों पर ही बीत रहा है। रात में मच्छरों का प्रकोप सहते हैं और दिन में गर्मी। भूखे प्यासे गेहूं बिक्री के इंतजार में पड़े हैं। अधिकारी रिकॉर्ड गेहूं खरीद का दावा करते हैं, इसकी सच्चाई केंद्र से पता चल जाएगी।
सांठगांठ से हो रही है तौल
गांव महमूदपुर निवासी किसान विकास ने बताया कि केंद्रों पर बदहाली इस कदर हावी है कि किसानों के गेहूं की खरीद नहीं हो पा रही है। केंद्र के कर्मचारी सांठगांठ से गेहूं तुलवा रहे हैं, ऐसे में किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कनेक्टिविटी नहीं आने से तौल प्रभावित
मशीन में कनेक्टिविटी नहीं आने के कारण केंद्रों पर तौल प्रभावित हो रही है। किसानों को परेशानी न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।-जिला विपणन अधिकारी-सुरेश यादव