सूर्या विहार कॉलोनी में पौधारोपण करती मृतक सोनू शर्मा की पत्नी।
- फोटो : HAPUR
ऑक्सीजन की कमी से हुई पति की मौत तो प्राण वायु के लिए लगाया पौधा
हापुड़। कोरोना के बाद ऑक्सीजन की कमी से पति की सांसे उखड़ी तो फिर नहीं संभली। ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए खूब धक्के भी खाए। पति को अस्पताल लेकर पहुंची तो पहले भर्ती करने से मना कर दिया। लेकिन बड़ी मिन्नतों के बाद भर्ती किया गया। लेकिन हालत ऐसी बिगड़ी कि फिर सही न हुई और घर में एक मात्र कमाने वाला हमेशा के लिए साथ छोड़कर चला गया। यह दंश और पीड़ा किसी दूसरे के समक्ष न आए इसके लिए महिला ने पर्यावरण दिवस पर परिवार के लोगों के साथ पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और दूसरों को भी यह सीख दी।
मेरठ रोड स्थित सूर्य विहार कालोनी निवासी सोनू शर्मा (32) की दो मई को कोरोना से हालत काफी बिगड़ गई। ऑक्सीजन का स्तर गिरता गया और सांसे उखड़ने लगीं। सोनी की पत्नी राधा शर्मा ने पति को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन पति की मौत हो गई। ऑक्सीजन की कमी से पति की मौत के बाद पत्नी राधा बुरी तरह टूट चुकी हैं। करीब एक साल का बेटा वंश और दो साल के जय को तो अभी इस बात का एहसास तक नहीं है। सोनू एक निजी कंपनी में ठेकेदारी करते थे और अकेले कमाने वाले थे। अब परिवार के समक्ष अनेक चुनौतियां हैं। लेकिन इस सब के बीच पत्नी ने विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प जरूर दिया है। उन्होंने पति की मौत के दुख से उबरने का प्रयास करते हुए परिवार के साथ पौधारोपण किया।
उन्होंने बताया कि वे नहीं चाहती कि भविष्य में किसी और परिवार को इस प्रकार की पीड़ा से गुजरना पड़े। ऐसे में हमें पर्यावरण का ध्यान रखते हुए भविष्य के लिए तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
एक पेड़ लगाकर बचाएं सात जिंदगियां
पर्यावरण विद् डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि एक स्वस्थ पेड़ हर दिन लगभग 230 लीटर ऑक्सीजन छोड़ता है। जिससे सात लोगों को प्राण वायु ऑक्सीजन मिल पाती है। अगर इस पेड़ के आसपास कचरा जलाते हैं तो ऑक्सीजन उत्सर्जित करने की क्षमता आधी हो जाती है और इस तरह तीन लोगों से उनकी जिंदगी छीन लेते हैं। इस कोरोना महामारी में लोग ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए मारामारी कर रहे थे। आपका लगाया एक पेड़ आपकी ाने वाली पीढ़ी को नया जीवन दे सकता है।