प्रदूषण फैला रही पिलखुवा की दो गत्ता फैक्टरी सील
हापुड़। पिलखुवा में प्रदूषण फैला रही दो गत्ता फैक्टरियों के खिलाफ प्रदूषण विभाग की टीम द्वारा कार्रवाई की गई है। एसडीएम ने इस संबंध में रिपोर्ट विभाग को सौंपी थी। जिसके बाद बृहस्पतिवार को सीलिंग की कार्रवाई की गई। दोनों फैक्टरियों द्वारा दूषित पानी को नाले में डाला जा रहा था। इनके पास किसी प्रकार का लाइसेंस भी नहीं था। इसके अलावा कुछ और फैक्टरियों को भी चिन्हित किया गया है।
पिलखुवा के मोदीनगर रोड स्थित दो गत्ता फैक्ट्रियों श्वेता गत्ता उद्योग और मां दुर्गा उद्योग की दो दिन पहले एसडीएम धौलाना द्वारा जांच की गई थी। जिसके बाद उन्हें यहां काफी अनियमितताएं दिखाई दी। इसके बाद मामले की जानकारी प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को दी गई। बृहस्पतिवार को प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अवर अभियंता रंजीत सिंह, एसडीएम के साथ यहां पहुंचे और दोनों फैक्टरियों की जांच की। फैक्टरियों से निकलने वाला दूषित पानी बिना किसी ट्रीट किए हुए सीधे नाले में डाला जा रहा था, जो आसपास के क्षेत्र में फैला हुआ था। इस स्थिति से आसपास का क्षेत्र भी प्रदूषित हो रहा था। फैक्टरियों के पास इस संबंध में किसी प्रकार का लाइसेंस भी नहीं था। बिना लाइसेंस के ही ये फैक्टरियां संचालित हो रही थी। जिसके आधार पर अधिकारियों द्वारा इन्हें सील कर दिया है।
एसडीएम अरविंद द्विवेदी ने बताया कि फैक्टरियों द्वारा दूषित पानी नाले में डाला जा रहा था। मौके पर इनके द्वारा कोई लाइसेंस भी नहीं दिखाया जा सका। इसके लिए कल तक का समय दिया गया है। यदि अन्य कागजात भी उपलब्ध नहीं कराये जाते हैं तो सीज के अलावा जुर्माना वसूलते हुए अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
धौलाना में दो भट्टों से वसूले थे साढ़े आठ लाख
धौलाना क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन आम बात हो गई है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम द्वारा कुछ दिन पहले ही नियमों की अनदेखी कर चल रहे दो भट्टों से करीब साढ़े आठ लाख रुपये की वसूली की गई थी। एनजीटी के आदेशों के बाद इन भट्टों को चलने की इजाजत नहीं थी। लेकिन इसके बावजूद ये चल रहे थे।