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इलाज के लिए तड़प रहे मरीज, न बेड मिल रहे न ऑक्सीजन

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इलाज के लिए तड़प रहे मरीज, न बेड मिल रहे न ऑक्सीजन
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हापुड़। जिले में स्वास्थ्य सेवाएं ध्वस्त हो चुकी हैं। अस्पताल के बाहर मरीज स्ट्रेचर पर तड़प रहे हैं । न तो बेड मिल रहे हैं और न ही ऑक्सीजन। ऑक्सीजन का स्तर गिरने से मरीजों की हालत बिगड़ रही है। अस्पतालों की दहलीज पर बैठकर मरीज इलाज के इंतजार में बैठे हैं। जिला अस्पताल के बाहर तड़प रहे मरीज बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों की पोल खोल रहे हैं।
कोरोना की पहली लहर में मरीजों की संख्या कम रहने से इलाज काफी हद तक सही मिला था। अब कोरोना की दूसरी लहर को शुरू हुए एक महीना भी पूरा नहीं हुआ है कि हालात खराब हो गए हैं। अस्पतालों में उपचार तो दूर मरीजों को बेड तक नहीं मिल रहे हैं। ऑक्सीजन वाले बेड, आईसीयू, वेंटिलेटर का तो यह हाल है कि लोग इनके खाली होने का इंतजार कर रहे हैं। अस्पतालों के बाहर मरीजों को तड़पते देखा जा सकता है।
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तीन दिन से नहीं मिली ऑक्सीजन
मरीज को लेकर जिला अस्पताल आए आवास विकास मोहल्ले निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उनके मरीज का ऑक्सीजन स्तर तीन दिन से काफी कम चल रहा था। पहले सभी कोविड अस्पतालों के चक्कर लगाए,लेकिन किसी ने नहीं सुनी। अब इलाज की आस में जिला अस्पताल आए हैं लेकिन यहां भी कोई नहीं सुन रहा है। एक घंटे बाद वह मरीज को लेकर चले गए।
नहीं मिल रहा वेंटीलेटर
मोहल्ला चमरी निवासी टीनू ने बताया कि उसकी चाची की तबीयत काफी खराब है। कई दिन तक घर पर ही इलाज कराया लेकिन सुधार नहीं हुआ। हालत बिगड़ने पर यहां लेकर आए हैं, लेकिन यहां वेंटिलेटर नहीं हैं। इसलिए अब दूसरे अस्पताल जा रहे हैं। हालांकि पता चला है कि दूसरे अस्पतालों में भी यही हालत है। अब समझ नहीं आ रहा है कि क्या किया जाए।
अस्पताल के बाहर लेटे मरीज
जिला अस्पताल में अव्यवस्था का आलम यह था कि मरीजों को अंदर तो कई बेड नहीं मिला तो वह बाहर ही लेट गए। परिजन भी इसी आस में रहे कि कोई चिकित्सक उनके परिजनों का इलाज शुरू कर दे। अस्पताल पर बड़ी संख्या में ऐसे ही मरीज इधर उधर लेटे दिखे। जिन्हें बेड मिलने का इंतजार था। इसके अलावा तीनों मेडिकल के बाहर का हाल और भी ज्यादा अव्यवस्थित था।
ऑक्सीजन पर्याप्त होने का दावा
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अस्पतालों में पर्याप्त ऑक्सीजन होने का दावा कर रहे हैं। जिला प्रशासन के सहयोग से रोजाना मुजफ्फरनगर समेत अन्य स्थानों से ऑक्सीजन की सप्लाई हो रही है, जो मरीजों के लिए कुछ राहत देने वाली बात है। क्योंकि कोरोना के इस स्ट्रेन में ऑक्सीजन की काफी आवश्यकता पड़ रही है।
अस्पतालों के वेंटिलेटर, आईसीयू बेड फुल
जिले में कोरोना के मरीजों के लिए सरस्वती, जीएस, रामा मेडिकल, देवनंदिनी, आरोग्य, मधु नर्सिंग होम, जिला अस्पताल शामिल किए गए हैं। इन सभी अस्पतालों में करीब 55 वेंटिलेटर और 40 के करीब आईसीयू वार्ड हैं, जो सभी फुल हैं। गंभीर रोगियों को वेंटिलेटर की खास आवश्यकता पड़ती है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रेखा शर्मा ने बताया कि मरीजों को बेहतर उपचार देने का प्रयास जारी है। अस्पतालों में संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं। ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था डीएम द्वारा करायी गई है, लोग खुद भी सावधान और सचेत रहें।
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