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दूसरों के वोट बैंक में सेंधमारी का प्रयास कर रहे संभावित प्रत्याशी

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दूसरों के वोट बैंक में सेंधमारी का प्रयास कर रहे संभावित प्रत्याशी
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हापुड़। चुनाव अंतिम चरण में भले ही हो, लेकिन संभावित प्रत्याशियों द्वारा प्रचार प्रसार तेज हो चुका है। प्रत्याशियों की सोच की बात करें तो प्रचार के पहले चरण में प्रत्याशी दूसरों के वोट बैंक में सैंधमारी का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए मतदाताओं की खूब आवभगत हो रही है। मेहनत कर शाम को घर लौट रहे किसानों की खातिरदारी हो रही है तो इनके काम भी साधे जा रहे हैं।
ग्राम पंचायत की बात करें तो गांवों में राजनीतिक गुट बंदी कोई नई बात नहीं है। चुनाव के बाद भी यह राजनीतिक गुटबंदी साफ दिखाई देती है और पूरे पांच साल पक्ष विपक्ष एक दूसरे की टांग खींचने में जुटे रहते हैं। अब जब एक बार फिर चुनावी बिगुल बज चुका है तो सबसे पहले प्रत्याशी विरोधियों के वोट बैंक में सेंधमारी के प्रयास में राजनीतिक गोटियां बिछा रहे हैं। इसके लिए मतदाताओं की काफी खातिरदारी हो रही है। गेहूं की कटाई और गन्ने की छिलाई से थके हारे घर लौट रहे किसानों की दावत पानी का बंदोबस्त किया जा रहा है। गांवों में रोज दावत के साथ दावेदार उनके मन की टोह ले रहे हैं। गांव के लोगों की पांचों अंगुलियां घी में नजर आ रही हैं। यहां तक कि प्रत्याशी ग्रामीणों के काम भी साधने पर लगे हैं। मसलन किसी ग्रामीण का शहर में काम हो तो वे खुद करके ला रहे हैं। किसानों की सिंचाई, खेत जुताई और गेहूं निकासी तक के लिए प्रत्याशियों की मदद ली जा रही है। प्रत्याशी अपने करीबी समर्थकों से ऐसे लोगों के काम करवा रहे हैं।
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चुनाव के इस दौर में गमी हो या खुशी दोनों माहौल में प्रत्याशियों में पहले पहुंचने की होड़ रहती है। किसी के साथ दुर्घटना होने पर सबसे पहले सांत्वना देने और खुशी होने पर सबसे पहले बधाई देने के लिए प्रत्याशियों में होड़ रहती है। इसके अलावा दावेदार गांव में किसी के बीमार होने पर उनका हाल चाल ले रहे हैं । उनके इलाज के खर्च के साथ सलाह भी देते नजर आ रहे हैं ।
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