एसएसवी कॉलेज के बीएड विभाग की शिक्षिका की सेवा समाप्त
हापुड़। दिल्ली रोड स्थित एसएसवी पीजी कॉलेज के बीएड विभाग की लेक्चरार फर्जी नियुक्ति में फंस गई हैं। दो साल चली जांच में दोष सिद्ध हुआ है, जिसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने शिक्षिका को सेवा समाप्ति की सूचना जारी कर दी। वहीं कई अन्य शिक्षकों की योग्यता की जांच भी शुरू हो सकती है। इस कार्रवाई से कॉलेज में एक और फर्जीवाड़े की पोल खुली है।
शिक्षिका रजनी अग्रवाल की नियुक्ति वर्ष 2016 में की गई थी। जबकि वर्ष 2015 में भर्ती के लिए जारी विज्ञापन के आधार पर जब उनका साक्षात्कार हुआ था, तब योग्यता नियुक्ति के अनुसार नहीं होने के कारण उन्हें साक्षात्कार से बाहर कर दिया गया था। यह पुष्टि तत्कालीन प्रबंध समिति के सचिव सुरेश चंद संपादक ने की है।
उन्होंने बताया कि पांच सदस्य कमेटी की संस्तुति पर रजनी अग्रवाल की वर्ष 2015 में जारी विज्ञापन के आधार पर ही वर्ष 2016 में नियुक्ति कर दी गई थी। जब पहले साक्षात्कार से उन्हें बाहर कर दिया गया था, तब अगले साल उनकी भर्ती किस आधार पर कर ली गई। हालांकि इस मामले में मेरठ के अजंता कालोनी निवासी शोभित मिश्रा ने शासन और विश्वविद्यालय में साक्ष्यों के साथ शिकायत की थी।
इस मामले में सीसीएसयू के उप कुलपति समेत तीन सदस्य जांच कमेटी गठित की गई। इस कमेटी ने भी जांच में दोष सिद्ध पाया। जिसके बाद एसएसवी पीजी कॉलेज प्रबंधन द्वारा शिक्षिका रजनी अग्रवाल को सेवा समाप्ति का नोटिस रिसीव करा दिया गया है। अब कई अन्य शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच भी शुरू हो सकती है।
एसएसवी कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव सुरेश चंद संपादक ने बताया कि सीसीएसयू से फर्जी नियुक्ति के मामले में रजनी अग्रवाल की तत्काल सेवा समाप्त करने का आदेश मिला था, उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई है। जिसकी सूचना भी उनसे रिसीव कराई गई है।