समाज के उत्थान के लिए तत्पर रहती हैं ये महिलाएं
हापुड़। समाज में बेहतर कार्य करने वालों को हमेशा सराहा जाता है। जिले की कुछ महिलाएं ऐसी हैं, जो अपने कार्यों से जहां चर्चाओं में रहती हैं, वहीं समाज को भी नई सीख देने का प्रयास करती हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर समाज उन महिलाओं को याद किया जाना चाहिए।
जिला लीगल प्रोबेशन अधिकारी डॉ. निशा रावत एक अधिकारी के रूप में तो अपनी जिम्मेदारी निभा ही रही हैं, वैसे ही समाज सेवा में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती हैं। डॉ. निशा रावत ने कुछ गरीब बच्चों को गोद लिया है और उनकी परवरिश का जिम्मा वे खुद उठाती हैं। बच्चों के खाने पीने से लेकर उनकी पढ़ाई कर खर्च भी वे खुद ही वहन करती हैं। संगीत में रुचि रखने वाली डॉ. निशा रावत डीलिट की उपाधि प्राप्त हैं और उन्हें समय समय पर पुरस्कार मिलते रहे हैं।
ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझकर इस पर जीत हासिल करने वाली आर्य नगर निवासी पूजा महेश को देश के 20 सुपर पेंशेंट में शामिल किया गया है। हैदराबाद कांटिनेंटल हास्पिटल पर देश के इन सुपर कैंसर मरीजों को टॉप टेन सर्जन से जोड़ा गया है। अब वे इस पैनल के साथ मिलकर देश के ऐसे गंभीर रोगियों का हौसला बढ़ाएंगी। इसके अलावा पूजा महेश को गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने के लिए जाना जाता है। वे पिछले करीब बीस वर्षों से बच्चों को न सिर्फ निशुल्क शिक्षा दे रही हैं, बल्कि उनकी दूसरी जरूरतों का भी ख्याल रखती हैं। उनके साथ उनकी इस मुहिम में कुछ महिलाएं भी जुड़ गई हैं। -फोटो- 24
महिला थानाध्यक्ष मनु सक्सेना वर्तमान में हापुड़ महिला थाना प्रभारी हैं। उनके पति इंजीनियर हैं। हालांकि उनके परिवार में सास-ससुर के अलावा चार वर्षीय बच्चा भी है। हाल ही में उनको महिला थाने की कमान मिली है। वह हापुड़ में ही रह रही हैं। ऐसे में उनके ऊपर दोहरी जिम्मेदारी है। वह परिवार को संभालने के अलावा महिला थाने को भी संभाल रही हैं। दोनों जिम्मेदारी को बखूबी निभा रही हैं। नौकरी पेशे के साथ-साथ परिवार को भी खुशहाल तरीके से चलाने में आधी आबादी के लिए प्रेरणा भी बन रही हैं। उनका कहना है कि लोगों की सेवा और उनकी मदद करने के लिए पुलिस विभाग से बेहतर कुछ नहीं हो सकता है। पति इंजीनियर होने के चलते बाहर रहते हैं। थाना प्रभारी की जिम्मेदारी के चलते कई-कई दिनों तक घर से दूर भी रहना पड़ता है, लेकिन परिवार के सभी सदस्य दोनों जिम्मेदारियों को निभाने में पूरा सहयोग भी करते हैैं।
समा सेविका अलका निम हापुड़ के एक मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं। एक संस्था के माध्यम से दहेज के खिलाफ मुहिम चला रही हैं। इस संस्था के माध्यम से कई महिलाओं की आवाज को उठाती रही हैं। शिवनगर निवासी सुभाषचंद ने उनके साथ दहेज रहित शादी की। इससे उन्हें समाज में कुछ करने की प्रेरणा मिली। नारी दहेज उन्मूलन संस्था के माध्यम से वे प्रतिवर्ष मलिन बस्तियों में जाकर गरीबों को जरूरत पड़ने पर कपड़े व अन्य सामान भी वितरित करती हैं। वहीं एक सौ से अधिक दहेज रहित शादी करवा चुकी हैं। वह महिलाओं के पारिवारिक विवाद निपटा कर उन्हें यथोचित सम्मान दिलाने में भी काफी सहयोग करती हैं।
पूजा महेश.- फोटो : HAPUR
मनु सक्सैना- फोटो : HAPUR