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हापुड़ से जुड़े हैं लिंग परीक्षण के तार, कई राज्यों तक फैला नेटवर्क

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स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैमरे में कैद हुआ दलाल.. - फोटो : HAPUR
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हापुड़ से जुड़े हैं लिंग परीक्षण के तार, कई राज्यों तक फैला नेटवर्क
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हापुड़। लिंग परीक्षण का खुलासा भले ही बुलंदशहर के गुलावठी में हुआ हो लेकिन इसके असली तार हापुड़ जिले से ही जुड़े हैं। गुलावठी मामले में पकड़ा गया आरोपी भी हापुड़ के गांव हरनाथपुर कोटा का बताया गया है। यहां से कई राज्यों में इस गैंग का नेटवर्क फैला है, जो महिलाओं से संपर्क कर जगह-जगह लिंग परीक्षण कराता है। हापुड़ के पूठ में पहले भी ऐसे मामले का खुलासा हो चुका है। यह गैंग चंद मिनटों में भनक लगते ही अल्ट्रासाउंड मशीन को गायब करा देता है।
लड़कों के सापेक्ष लड़कियों का लिंगानुपात घटने से सरकार ने लिंग परीक्षण पर पूरी तरह रोक लगाई हुई है। अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों को इस संबंध में स्पष्ट आदेश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग अपने रिकॉर्ड में दर्ज सभी सेंटरों का निरीक्षण कर, वहां लगे ट्रेकर से परीक्षण का डाटा खंगालता रहता है।
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लेकिन इस गोरखधंधे में लगे गैंग अपनी निजी अल्ट्रासाउंड मशीन रखते हैं, जिसका स्वास्थ्य विभाग के पास भी कोई रिकॉर्ड नहीं रहता। इस गैंग के दलाल हर क्षेत्र में फैले रहते हैं, जो 25 से लेकर 30 हजार रुपये में लिंग परीक्षण कराते हैं। ऐसे ही दलालों का नेटवर्क हापुड़ के आस पास ही नहीं बल्कि कई राज्यों तक फैला है।
इसका जीता उदाहरण हरियाणा से शुरू हुए गुप्त ऑपरेशन में सामने आया है। हरियाणा से महिला ने हापुड़ के गांव हरनाथपुर कोटा के जितेंद्र कुमार से ही संपर्क किया था, वही हापुड़ के बुलंदशहर रोड स्थित सोना पेट्रोल पंप पर महिला से 25 हजार रुपये लेकर गुलावठी स्थित अल्ट्रासाउंड सेंटर पर लेकर गया था। बहरहाल, यह पहला मामला नहीं है, जब हापुड़ लिंग परीक्षण जैसे मामले में शर्मसार हुआ है, इससे पहले गांव पूठ में भी फर्जी अल्ट्रासाउंड मशीन से जांच होने का मामला सामने आ चुका है।
हरियाणा से इनपुट मिलते ही हापुड़ सीएमओ डॉ रेखा शर्मा ने अपने विभाग के डिप्टी सीएमओ व पीसीपीएनडीटी नोडल डॉ राकेश अनुरागी को इस काम में लगा दिया। हापुड़ एसडीएम सत्यप्रकाश ने भी सूझबूझ से ऑपरेशन को सफल बनवाया।
लिंग परीक्षण का सूत्रधार रहे हापुड़ के जितेंद्र कुमार को इस पूरे सौदे में 11 हजार रुपये मिले थे। उसने महिला से 25 हजार रुपये लिए थे, 14 हजार रुपये अल्ट्रासाउंड करने वाले ने रखे।
लिंग परीक्षण करने वाला गैंग इतना शातिर होता है कि भनक लगते ही पल भर में मशीन को अंडरग्राउंड कर देता है। यही कारण है कि गुलावठी में पूरा ऑपरेशन सही होने के बावजूद टीम मशीन को नहीं खोज पाई।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ रेखा शर्मा ने बताया कि हापुड़ जिले में अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर पूरी नजर रखी जा रही है। यदि कोई भी इस तरह के कार्य में संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।
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