कृषि कानूनों के विरोध में अनशन पर बैठे किसान
हापुड़। कृषि कानूनों के विरोध में किसान मजदूर संगठन के आह्वान पर किसानों ने गांवों में क्रमिक अनशन पर बैठकर सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जताया। साथ ही प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग उठाई। गाजीपुर बॉर्डर पर भी हापुड़ के किसान धरने पर डटे हैं। कानूनों की वापसी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया है।
वझीलपुर में क्रमिक अनशन के दौरान मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी ज्ञानेंद्र त्यागी ने बताया कि एमएसपी पर खरीद का कानून अगर किसानों को दे दिया जाए तो किसानों को काफी राहत मिल सकती है और यह आंदोलन भी खत्म हो सकता है। सरकार को इन कानूनों में जो संशोधन संभव हो उसे करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को मिलों पर गन्ना डालते हुए चार महीने हो गए हैं, लेकिन जिले की मिलों ने इस साल का कोई भुगतान नहीं किया है। ऐसे में किसान अपने बच्चों की फीस, घर का खर्चा, गन्ना बिजाई, सरसों कटाई किसानों के लिए मुश्किल हो रही है। तीनों कृषि कानून किसानों के लिए लाभदायक नहीं हैं। सरकार अपनी हठधर्मिता पर अड़ी है। एमएसपी पर कानून भी नहीं बनाए जा रहे हैं। यदि एमएसपी का कानून बन जाए तो किसानों को काफी हद तक राहत मिल सकती है। इतना ही नहीं किसान इस आंदोलन को भी खत्म कर सकते हैं।
वझीलपुर में नकुल त्यागी, मुनिराज त्यागी, सिराजुद्दीन खान, सतवीर प्रधान धरने पर बैठे, ततारपुर में जिला संयोजक चौधरी वीरपाल सिंह ने इन बिलों के बारे में विचार रखे। गांव हरसिंहपुर में अनिल, चन्द्रभान, राजबीर, नेपाल, पम्मी, ग्राम धनौरा में अनिल शर्मा, जयभगवान त्यागी, हिमांशु त्यागी, विवेक त्यागी, ग्राम सिंभावली में भागमल सिंह, सुदेशपाल सिंह, रविन्द्र सिंह, चौधरी चरणसिंह, वीरेश चौधरी, राहुल, ग्राम श्यामपुर में चौधरी नरेंद्र सिंह, तरूण चौधरी, रोहित, ग्राम ढाना में सरदार अमरीक सिंह के नेतृत्व में किसान कर्मिक अनशन पर बैठे।