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गंगा में जा रहा गांवों में स्थापित पशु डेयरियों का कचरा

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प्रयागराज में माघ मेले और गंगा को मैली होने से रोकने के लिए जिला प्रशासन भले ही नरमी बरत रहा हो, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस मामले में सख्त है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बाबूगढ़ क्षेत्र के तीन गांवों को डेयरियों से निकला अपशिष्ट पदार्थ काली नदी के माध्यम से गंगा में गिरने के मामले में जिला पंचायत राज विभाग को कार्रवाई के लिए लिखा है। बोर्ड से पत्र प्राप्त होने के बाद डीपीआरओ ने एडीओ हापुड़ के अलावा जिले के सभी एडीओ को गांवों में पशु डेयरियों की जांच करने और इस प्रकार की लापरवाही के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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प्रयागराज में माघ मेले को लेकर गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए विशेष रूप से अधिकारियों को आदेशित किया गया है। इसके अलावा भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गंगा को लेकर लगातार निगरानी कर रहा है। इसके लिए अधिकारियों द्वारा खासकर काली नदी की मॉनीटरिंग की जा रही है। काली नदी में गिरने वाले कचरे के स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है। हाल ही में काली नदी में केमिकल युक्त अपशिष्ट छोड़ने वाले के खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी।

अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बाबूगढ़ क्षेत्र के तीन गांवों छपकौली, अयादनगर और भटैल को चिह्नित किया है। इसके लिए अधिकारियों द्वारा 19 जनवरी से 25 जनवरी तक काली नदी क्षेत्र का निरीक्षण किया गया था। इस संबंध बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने डीपीआरओ यावर अब्बास को पत्र लिखते हुए कहा है कि इन गांवों में कुछ पशु डेयरियां संचालित हैं, जो पशुओं के गोबर, मूत्र को काली नदी में बहा देते हैं। इसके साथ डेयरियों की दूसरी गंदगी भी बहाई जा रही है। इन गांवों में काली नदी का रंग 200 हैजन पाया गया, जो सामान्य से काफी अधिक था। अधिकारियों ने जांच में पाया कि डेयरियों से निकले अपशिष्ट को काली नदी में बहाने के कारण ही काली नदी के पानी की गुणवत्ता खराब हो रही है।
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सहायक विकास अधिकारी को जांच कर कार्रवाई के आदेश
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पत्र प्राप्त होने के बाद जिला पंचायत राज विभाग हरकत में आ गया है। डीपीआरओ यावर अब्बास ने हापुड़ ब्लाक के सहायक विकास अधिकारी त्रिभुवन कौशिक को मामले की जांच सौंपी है। उन्होंने आदेश दिए हैं कि संबंधित तीनों गांवों में जाकर मामले की जांच की जाए और अपशिष्ट को काली नदी में गिरकर उसे प्रदूषित करना रोका जाए। यदि इन आदेशों की अवहेलना की जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। डीपीआरओ ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पत्र प्राप्त होने के बाद मामले की जांच एडीओ को सौंप दी गई है। हालांकि जिले के काली नदी क्षेत्र से जुड़े अन्य ब्लॉकों के एडीओ को भी इस प्रकार की जांच करने के लिए कहा गया है।

औद्योगिक क्षेत्र न होने के बावजूद प्रदूषित हो रही काली नदी
अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान हैरानी व्यक्त की है कि काली नदी के प्रदूषण का स्तर काफी अधिक है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि बाबूगढ़ क्षेत्र में किसी प्रकार की औद्योगिक गतिविधि न होने के बावजूद प्रदूषण अधिक पाया जाना, काफी गंभीर है, ऐसे में इस क्षेत्र में प्रदूषण की जल्द ही रोकथाम किया जाना आवश्यक हो गया है।
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