सिंचाई विभाग डार्क जोन को छोड़कर धौलाना ब्लॉक के किसानों को सिंचाई में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए नलकूप और छोटे बोरिंग कराएगा। विभाग द्वारा धौलाना ब्लॉक में पांच नलकूप और 61 छोटे बोरिंग करने की योजना बनाकर प्रस्ताव शासन को भेजा है। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद क्षेत्र के किसानों की सिंचाई संबंधी समस्या समाप्त हो जाएगी।
जिले के चार ब्लॉक में हापुड़, सिंभाली, गढ़ डार्क जोन में हैं। केवल धौलाना ही डार्क जोन से बाहर है। डार्क जोन में आने वाले ब्लॉक में तो बोरिंग की अनुमति नहीं है। लेकिन धौलाना ब्लॉक में सिंचाई विभाग ने नलकूप और छोटे बोरिंग करने की योजना बनाई है। विभाग द्वारा बनाए गए प्रस्ताव के बाद इस ब्लॉक में पांच सरकारी नलकूप और 61 छोटे बोरिंग बनाए जाएंगे। इन नलकूपों को किसान सामूहिक रूप से सिंचाई के लिए प्रयोग कर सकेंगे। जबकि छोटे बोरिंग करके किसानों को निशुल्क आवंटित किए जाएंगे। सबमर्सिबल के माध्यम से किसान अपनी कृषि भूमि की सिंचाई कर सकेंगे। एक मध्यम गहरे नलकूप को बनाने के लिए 1.53 लाख रुपये का खर्चा आएगा, जबकि बोरिंग में करीब सात हजार रुपये का खर्चा आएगा। नलकूप में 85 हजार में बोरिंग व नाली जबकि 68 हजार का खर्च विद्युतीकरण पर आएगा।
धनराशि के लिए सीडीओ ने भेजा पत्र
यह प्रस्ताव पिछली जिला योजना की बैठक में पास हो गया था। लेकिन शासन से बजट आवंटित नहीं हो पाया। जिसके कारण यह कार्य अभी तक अटका पड़ा था। अब एक बार फिर सीडीओ ने यह प्रस्ताव शासन को भेजा है। सीडीओ ने बजट की डिमांड के लिए शासन को पत्र भेजा है। ताकि धनराशि अवमुक्त होने के बाद किसानों की सिंचाई संबंधी समस्याओं का समाधान हो सके।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता एपी वर्मा ने बताया कि डार्क जोन से बाहर होने के कारण ही केवल धौलाना में ही यह योजना लागू हो सकती है। योजना के लिए प्रस्ताव के साथ बजट की डिमांड भी शासन से की गई है। बजट मिलने के बाद जल्द से जल्द योजना पर काम होगा।