निजीकरण के विरोध में रोडवेज कर्मियों ने किया प्रदर्शन
हापुड़। निजीकरण के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों ने चौथे दिन भी बस अड्डा परिसर के बाहर प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही निजीकरण को वापस नहीं लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
रोडवेज संयुक्त मोर्चा के शाखा मंत्री हैदर अली ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगें शासन ने 7 राष्ट्रीय मार्ग पर भी निजी बसों को संचालित करने के लिए लखनऊ से गोरखपुर से संबंधित अधिसूचना व शासन प्रसारित कर निगम का कारोबार समेटने की शुरुआत कर दी गई है। लखनऊ से नोएडा सहित 206 मार्गों को राष्ट्रीयकरण के निगम के प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं दी।
राष्ट्रीयकृत मार्गो पर डग्गामारी पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई। नियुक्त संविदा चालकों परिचालकों व दैनिक वेतन भोगी कर्मियों को भी नियमित नहीं किया तथा सेल्स संविदा कर्मियों को नियमितीकरण की योजना नहीं बनाई। आउट सोर्स कर्मियों को ठेकेदारी के चुंगल से मुक्त नहीं किया और उन्हें न्यूनतम मजदूरी भी नहीं दी।
इन मांगों के निस्तारण को लेकर रोडवेज कर्मियों ने बस अड्डे के बाहर प्रदर्शन किया। इस मौके पर केशव सिंह सिसौदिया, प्रताप सिंह, सुरेंद्र सिंह, विकास, अमित चौधरी, अमित यादव, अमित शर्मा, गजेंद्र, प्रेमपाल, अंकुर शर्मा आदि मौजूद रहे।