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गांवों में बनेंगे ओवरहेड टैंक, घर-घर पहुंचेगा शुद्ध जल

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जल जीवन मिशन व जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन से वर्ष 2024 तक हर घर को नल से जल योजना को क्रियान्वित करने के लिए जिले में पूरी तैयारी कर ली गई है। इसके तहत जिले के गुणवत्ता प्रभावित आठ गांवों सहित कुल 240 को चयनित करते हुए एक कंपनी को ओवरहेड टैंक बनाने का टेंडर जारी कर दिया गया है। करीब 245 करोड़ की लागत से अगले कुछ दिन में सर्वे के बाद यह कार्य कंपनी द्वारा शुरू कर दिया जाएगा।
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सरकार की 2024 तक हर घर को नल से शुद्ध जल देने की योजना है। इसके तहत सभी जिलों में कुछ कार्य कराए गए हैं। जिले में भी कई गांवों में ओवरहेड टैंक बनाने का कार्य किया जा चुका है, लेकिन अधिकतर गांव इससे वंचित हैं। लक्ष्य के अनुसार अगले तीन साल में सभी गांवों में ओवरहेड टैंक बनाने का कार्य किया जाना है। जिसके तहत राज्य पेयजल स्वच्छता मिशन के तहत नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा अहमदाबाद की एक निजी कंपनी मैसर्स एलसी इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड एवं टीसीईएल जेवी को इसके लिए टेंडर जारी किया गया है। कार्य कराने के लिए कंपनी को जनपद हापुड़ के गुणवत्ता प्रभावित आठ गांवों सहित कुल 240 गांवों में पाइप पेयजल योजना के तहत जिम्मेदारी सौंपी गई है। 2024 के अंत तक लक्ष्य दिया गया है। इस कार्य में जिले में करीब 245 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च होगी। जल्द ही गांवों में कार्य के लिए कंपनी द्वारा सर्वे शुरू किया जाएगा। इस योजना के क्रियान्वयन के बाद जिले में कोई भी गांव बिना ओवरहेड टैंक के नहीं बचेगा। सभी घरों तक नलों के माध्यम से शुद्ध पानी मुहैया कराया जाएगा।

इन गांवों को पहले दी जाएगी प्राथमिकता
योजना के तहत कुछ विशेष गांवों को पहले प्राथमिकता दी जाएगी। आरर्सेनिक, फ्लोराइड व अन्य गुणवत्ता प्रभावित गांवों को पहले प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद सांसद आदर्श गांव, अनुसूचित, जनजाति बाहुल्य गांवों में पहले ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे।
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जल निगम के अधिशासी अभियंता विनय रावत का कहना है कि योजना के क्रियान्वयन के लिए निजी कंपनी को टेंडर जारी कर दिया गया है। 2024 तक जिले के हर गांव में हर हाल में शुद्ध पानी पहुंचेगा।

काली नदी प्रभावित गांवों को मिलेगी बीमारी युक्त पानी से निजात
जिले में कुल 273 ग्राम पंचायतें हैं। जिनमें करीब एक दर्जन गांव काली नदी के किनारे हैं। इन गांवों में कोटा हरनाथपुर, मुदाफरा, कनिया कनिया कल्याणपुर, अट्टा धनावली, बाबूगढ़, छतनौरा, मतनौरा, उदयपुर आदि गांवों की स्थिति अधिक खराब है। इन गांवों में से कुछ में ओवरहेड टैंक बनाए जा चुके हैं, जबकि कुछ के हालात अभी भी नाजुक हैं। यहां दूषित भूगर्भीय जल के कारण गंभीर बीमारियों से लोग ग्रसित हैं। ऐसी स्थिति में सरकार की इस योजना के पूरी तरह से क्रियान्वयन के बाद जिले के हालात पूरी तरह से सुधर सकेंगे।
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