प्रदेश की बसपा सरकार के कार्यकाल में करोड़ों की लागत से बने एग्री मार्ट के दिन बहुरने वाले हैं। रविवार को हापुड़ पहुंचे कृषि कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही इस मामले को लेकर गंभीर दिखे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी लेेते हुए 15 दिन के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया है। मंत्री के निर्देशों के बाद लंबे समय से लंबित पड़े एग्री मार्ट के जिले में संचालित होने की उम्मीदें जग गई हैं।
किसानों की समस्याओं के समाधान व उन्हें फसलों बुआई, बीज व अन्य फसलों की जानकारी देने के अलावा कृषि उपकरण, खाद, बीच खरीदने के उद्देश्य को लेकर बसपा सरकार के कार्यकाल में आनंद विहार में किसान एग्री मार्ट भवन का निर्माण करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था। इसका निर्माण यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड गाजियाबाद द्वारा किया गया था। वर्ष 2011 में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन कृषि मंत्री लक्ष्मी नारायण द्वारा इसका उद्घाटन किया था। भवन का उद्घाटन हुए नौ वर्ष का समय हो चुका है। लेकिन उपेक्षा के चलते किन्हीं कारणों से शुरू नहीं हो सका हैं। जिस कारण भवन जर्जर और वीरान पड़ा है। कुछ शरारती तत्वों ने विभिन्न स्थानों पर शीशे भी तोड़ दिए गए हैं। भवन में लगा जनरेटर आदि भी जर्जर होने की स्थिति में है।
लेकिन, बदहाली के आंसू बहा रहे एग्री मार्ट के दिन अब बदल सकते हैं। कृषि कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने इस संबंध में हापुड़ पहुंचने पर अधिकारियों से इसकी जानकारी मांगी है। मेरठ रोड स्थित सर्किट हाउस में उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों से जानकारी की। दरअसल, उन्होंने अधिकारियों से इसकी वर्तमान स्थिति के संबंध में जानकारी मांगी, इस संबंध में यूपी स्टेट एग्री के एमडी को फोन कर अगले पंद्रह दिन में इस पूरे मामले की रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया है।
उप निदेशक कृषि डॉ. पीबी द्विवेदी का कहना है कि कृषि मंत्री द्वारा एग्री मार्ट को लेकर जानकारियां मांगी गई हैं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। सरकार के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।
किसानों को एक छत के नीचे मिलेगा कृषि संबंधी सामान
किसान एग्री मार्ट में किसानों को कृषि संबंधी जरूरत का सामान एक छत के नीचे ही मिल सकेगा। किसानों के लिए जिले में एक ही छत के नीचे कृषि यंत्र, बीज, खाद के अलावा आधुनिक कृषि के संबंध में पूरी जानकारी मिल सकेगी। किसानों के लिए जिले में इस प्रकार की सौगात मिलने से किसानों को दामों के मामले में भी लाभ होगा। विभिन्न योजनाओं के तहत मिलने वाली छूट और योजनाओं की जानकारी भी यहां मिल सकेगी। कुल मिलाकर यह किसानों के लिए खरीदारी और जानकारी का एक बेहतर विकल्प होगा।