गांवों से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में दूध-सब्जी लेकर किसान पहुंच रहे गाजीपुर बॉर्डर
हापुड़। कृषि कानूनों के विरोध में गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में हापुड़ के गांव चितौली, ददायरा, जरौठी से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से सब्जी व दूध लेकर पहुंच रहे हैं। आंदोलनकारियों का हौसला बढ़ाने के लिए हर गांव से किसान आगे आ रहे हैं। किसान संगठनों के साथ राजनैतिक दल भी कानूनों को वापस कराने की मांग उठाने लगे हैं।
रविवार को विभिन्न गांवों के किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों समेत ततारपुर बाईपास पर एकत्र हुए। मंडी से सब्जियां और गांवों से दूध एकत्र कर ट्रॉलियों में रखा गया। इसके बाद किसान गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना हुए। सरकार के खिलाफ नारेबाजी और कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की।
भाकियू के पूर्व जिला उपाध्यक्ष चौधरी यशवीर सिंह ने कहा कि सरकार किसानों के हितों को लेकर गंभीर नहीं है। तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर दो महीने से किसान खुले आसमान के नीचे रात गुजार रहे हैं, फिर भी सरकार उनकी मांग मानने को तैयार नहीं है। तीनों कानूनों किसानों को बर्बाद कर देंगे, ऐसे में जब तक इन्हें वापस नहीं लिया जाता आंदोलन जारी रहेगा।
इस दौरान जिले से बड़ी संख्या में किसान नारेबाजी करते हुए दूध, सब्जियां लेकर गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना हो गए। आंदोलन का असर अब गांवों तक पहुंचने लगा है। हर किसान की जुबान पर कृषि कानूनों का विरोध नजर आ रहा है। ऐसे में आंदोलन पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गया है। गौरव प्रताप ने बताया कि गांव नली से तीन ट्रैक्टरों के जरिए खाद्य सामग्री गाजीपुर बॉर्डर पर भिजवाई गई।
इस मौके पर भगतराम, अनुज कुमार, कालू राम, उदयवीर सिंह, हरेंद्र सिंह, अमित कुमार, मनोज कुमार, सुनील कुमार, मोहित, नरेंद्र सिंह, बब्लू, अनुज, साहब सिंह, बॉबी, राय सिंह, अंकुश, सचिन, मनजीत, ब्रजपाल सिंह, मुनेश पाल, राजीव, पवन आदि मौजूद रहे।