गुर्जर समाज बंद करेगा मृत्यु भोज की प्रथा
हापुड़। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के पदाधिकारियों ने बैठक कर मृत्यु भोज जैसी प्रथा को बंद करने का एलान किया। साथ ही समाज में साक्षरता का दायरा बढ़ाने की अपील की। समाज के गरीब बच्चों के लिए पुस्तकालय, छात्रावास बनाने का भी प्रस्ताव रखा गया। इस दौरान प्रमोद गुर्जर को जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया।
ज्वाहर गंज में आयोजित कार्यक्रम में महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री बच्चू सिंह बैंसला ने कहा कि सामाजिक संगठनों के द्वारा समाज को मजबूती मिलती है और संगठन के द्वारा ही समाज में फैली कुरीतियों को दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज को मुख्यधारा में रखने के लिए शिक्षा ही एकमात्र हथियार है। इसलिए हमें अपने समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जागरूक करना चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष अनिल कसाना ने कहा की समाज में पिछड़ने का एक बहुत बड़ा कारण दहेज प्रथा एवं मृत्यु भोज हैं। यह वह कुरीतियां है कि जिन से समाज आज पीछे चल रहा है। समाज को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा के साथ साथ दहेज प्रथा एवं मृत्यु भोज को भी पूर्ण रूप से बंद करना होगा। राजस्थान ऐसा प्रदेश है जहां समाज ने मृत्यु भोज पूर्ण रूप से बंद कर दिया है।
इस दौरान कार्यकारिणी में ओमबीर नागर, रविंद्र गुर्जर, एडवोकेट संजीव मावी, अमित बैसला को महामंत्री का दायित्व दिया गया। राजेंद्र गुर्जर को प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य नरेंद्र मावी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी टीम में दायित्व दिया गया।
इस मौके पर नवनियुक्ता जिला अध्यक्ष प्रमोद गुर्जर ने कहा कि वह अपने समाज युवाओं को नई दिशा देने का कार्य करेंगे। जिले में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अलग अलग गांव जाकर पुस्तकालय की स्थापना कराई जाएगी और जिला मुख्यालय पर एक छात्रावास का निर्माण कराया जाएगा। जिसमें जरूरतमंद बच्चे शिक्षा ग्रहण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। कार्यक्रम की अध्यक्षता बल करण सिंह व संचालन राजेंद्र गुर्जर ने किया। इस अवसर पर जयकरण बंसल, चंद्रपाल नार, आजाद गुर्जर, फूल सिंह पहलवान, विजेंद्र कसाना, देवेंद्र, विजय चौधरी, चेयरमैन जगबीर गुर्जर, बबली गुर्जर, रवि भाटी, संजय चंदेल, कुलदीप, जयकरण भाटी, कुणाल गुर्जर, सार्थक प्रधान, अतुल गुर्जर, हार्दिक गुर्जर, कुसुम गुर्जर, अलका नागर, रीता भाटी आदि उपस्थित रहे।