कोरोना के बीच अब बर्ड फ्लू का बढ़ा खतरा
हापुड़। कोरोना के बीच हिमाचल, राजस्थान में बर्ड फ्लू की दस्तक ने हापुड़ जिले में भी दहशत फैला दी है। पशुपालन विभाग ने इस रोग को लेकर अलर्ट घोषित कर दिया है। जिले में खुलीं 30-30 हजार मुर्गियों की नौ इकाईयों को विभाग ने अपनी निगरानी में ले लिया है। वहीं, विदेश व बाहरी राज्यों से गढ़मुक्तेश्वर में गंगा नदी के किनारे आने वाले पक्षियों पर नजर रखने के लिए भी टीमें गठित कर दी गई हैं। जिले से पक्षियों के सैंपल लैब भेजने की तैयारी भी शुरू हो गई है।
हापुड़ जिले में पशुपालन विभाग से संचालित योजनाओं के तहत 9 मुर्गी पालन की बड़ी इकाइयां खुली हैं। ये इकाइयां अंडा देने वाली मुर्गियों की हैं, जिनमें आठ इकाइयों में 30-30 हजार पक्षी हैं, जबकि एक में 10 हजार पक्षी हैं। इसके अलावा मीट के लिए बड़ी तादात में लेयर फार्मिंग भी हो रही है। हाल के दिनों में हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में पक्षियों के संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए जाने व इनमें एवियन इंफ्लूएंजा वायरस की पुष्टि ने दहशत फैला दी है। कोरोना को लेकर पहले ही लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ऐसे में बर्ड फ्लू को लेकर अब पक्षियों समेत मनुष्यों में भी इस रोग का खतरा बढ़ गया है।
प्रवासी पक्षियों पर रखी जा रही नजर
हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में गंगा नदी के पास बड़ी संख्या में विदेशों से पक्षी आते हैं, कई अन्य राज्यों से भी यहां पक्षी आते हैं। ऐसे में बाहर से आने वाले पक्षियों पर खास नजर रखी जा रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने टीमें गठित कर दी हैं। वहीं, सभी मुर्गी पालन की इकाईयों को अपनी निगरानी में ले लिया है।
मुर्गी फार्मों में बरतें सावधानी
* फार्म का गेट बंद रखें।
* चूने का छिड़काव करते रहें।
* फार्म के अंदर बाहरी लोगों का प्रवेश न होने दें।
* सेनिटाइजेशन करते रहें, ताकि संक्रमण न फैले।
मंडलीय लैब भेजे जाएंगे सैंपल
जिले में संदिग्ध पक्षियों के सैंपल जांच के लिए मंडलीय लैब भेजे जाएंगे। अभी तक हर महीने औसत 10 सैंपल जांच को भेजे जाते थे, इनमें सभी निगेटिव हैं। अब सैंपल की संख्या बढ़ाई जाएगी।
केंद्र सरकार जारी कर चुकी है अलर्ट
बर्ड फ्लू को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट जारी कर चुकी है, हालांकि प्रदेश सरकार की ओर से अभी अलर्ट नहीं आया है। फिर भी जिले का पशुपालन विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है।
कोट
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.प्रमोद कुमार ने बताया कि जिले में फिलहाल बर्ड फ्लू जैसा कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है। फिर भी पूरी सतर्कता बरती जा रही है। बाहर से आने वाले पक्षियों की भी निगरानी की जा रही है। मुर्गी पालन इकाइयां चलाने वाले संचालकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं।