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57 लाख रुपये खर्च होने के बाद भी नहीं मिल रहा पेयजल

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57 लाख रुपये खर्च होने के बाद भी नहीं मिल रहा पेयजल
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हापुड़। गांव घुंघराला और शेखपुर खिचरा के लोगों को शुद्ध जल नहीं मिल पा रहा है। दोनों गांवों में करीब सात करोड़ की लागत से ओवरहैड टैंक का निर्माणकार्य होना है। शासन से पहली किस्त के रूप में 57 लाख रुपये मिले। जिसके बाद ओवरहैड टैंक का निर्माणकार्य शुरू हुआ। लेकिन इसके बाद बजट नहीं मिलने से ओवरहैड टैंका निर्माणकार्य अटक गया। इसके चलते दोनों गांवों के करीब दस हजार ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हो रहे हैं।
गांवों में पिछले वर्ष जीएसटी का ग्रहण लगने के बाद इस बार बजट के अभाव में दो ओवरहैड टैंकों का निर्माण कार्य अटक गया है। जिले में काली नदी से प्रभावित कई गांवों का भूगर्भीय जल दूषित हो गया है। इसे देखते हुए प्रभावित गांवों में ओवरहैड बनाए जाने की योजना थी। इसके अलावा हर घर को नल से जल योजना के तहत भी ओवरहैड टैंक बनाए जाने प्रस्तावित हैं। लेकिन बजट के अभाव में काम अटक गया है। एमएसडीपी योजना के तहत हापुड़ ब्लाक के गांव घुंघराला में 2.32 करोड़ और धौलाना ब्लाक के गांव शेखपुर खिचरा में 4.54 करोड़ की लागत से ओवरहैड टैंक का निर्माण होना था। इसके लिए शासन की ओर से पहली किस्त के रूप में घुंघराला के लिए 19.35 लाख और शेखपुर खिचरा के लिए 37.84 लाख यानि कुल 57.19 लाख रुपये जारी कर किए जा चुके हैं। इस धनराशि से इन ओवरहैड टैंक का निर्माण शुरू भी हो चुका है, लेकिन अब ओवरहैड की दूसरी किस्त जारी नहीं की गई है। जबकि इन दोनों ओवरहैड का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए मार्च 2021 तक का समय दिया गया था, लेकिन हाल फिलहाल में बजट आता भी है तो इस समयावधि में ओवरहैड टैंक का निर्माण पूरा होना संभव नहीं है। हालांकि जिले के पांच गांवों हृदयपुर, नवादा, ददायरा, हरसिंहपुर, ककराना में जलनिगम द्वारा ओवरहैड का निर्माण पूरा हो चुका है। जो फिलहाल ट्रायल पर है और जल्द ही इसे ग्राम पंचायतों को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
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पिछले वर्ष भी कई महीने अटका रहा था कार्य
- पिछले वर्ष भी करीब दस गांवों में ओवरहैड टैंक बनाने का कार्य जीएसटी लागू होने के बाद रुक गया था। विभाग को इनका बजट रिवाइज करना पड़ा। जिसके बाद करीब 12 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ। इस बजट के आने के बाद ही इन गांवों में ओवरहैड का निर्माण कार्य पूरा हो पाया था।
सिर्फ 72 में ही बने हैं ओवरहैड टैंक
- जिले में कुल 273 ग्राम पंचायतें हैं, जिसमें से सिर्फ 72 गांवों में ही ओवरहैड टैंक बन सके हैं। जिले के करीब 30 गांवों के बीच से होकर काली नदी भी बहती है। इस नदी के कारण इन अधिकतर गांवों का भूगर्भीय जल दूषित हो चुका है। इन गांवों में लोग दूषित पानी जनित बीमारियों से पीड़ित हैं।
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कोट
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुमन गौतम ने बताया कि घुंघराला और शेखपुर खिचरा में बजट के अभाव में कार्य अटक गया है। इस संबंध में पत्राचार कर बजट जारी कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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