ओवरलोड वाहनों से क्षतिग्रस्त हो रहा हाईवे, हादसे की भी आशंका
हापुड़(नितिन दीक्षित)। हाईवे पर दौड़ रहे ओवरलोड वाहनों की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करोड़ों की लागत से बने हाईवे के भी क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी हुई है। स्थिति को देखते हुए नवनिर्मित एनएच-334 के परियोजना निदेशक ने एआरटीओ प्रशासन से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के संबंध में पत्र लिखा है। इसके लिए कुछ दिन पहले डीएम से हुई बैठक में इस मुद्दे को उठाया था। पत्र के मिलने के बाद विभाग अभियान चलाकर ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
मेरठ-बुलंदशहर हाईवे 334 को आधुनिक तकनीक के माध्यम से करीब 2407 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था। हाल ही में यह बनकर तैयार हुआ है। इसका लोकार्पण केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 26 नवंबर को दिल्ली से वर्चुअल तरीके से किया है। हालांकि इस हाईवे पर इससे पहले से ही वाहन फर्राटा भर रहे हैं और कुराना पर वाहनों से टोल भी वसूलना शुरू हो गया है। लेकिन नवनिर्मित हाईवे को ओवरलोड भारी वाहनों से खतरा है। इस संबंध में हाईवे के परियोजना निदेशक दिनेश कुमार चतुर्वेदी ने सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी और डीएम को पत्र भेजकर हाईवे पर ओवरलोड वाहनों का संचालन रोकने की मांग की है। पत्र में हवाला दिया गया है कि हाईवे पर बड़ी संख्या में गुजर रहे ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से सड़क की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ रहा है। इससे जल्द ही हाईवे क्षतिग्रस्त होना शुरू हो जाएगा। इसके अलावा इन वाहनों से हादसों की भी संभावना बनी रहती है। दरअसल, ओवरलोड वाहनों के खराब होने की संभावना भी अधिक होती है। कोहरे के समय में ओवरलोड वाहन यदि खराब होता है तो बड़े हादसे का कारण बन सकता है। ऐसे में इन वाहनों पर कार्रवाई और जरूरी हो जाती है।
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नहर पटरी की सड़क भी हो रही क्षतिग्रस्त
परियोजना निदेशक द्वारा पत्र में ब्रजनाथपुर नहर पटरी की सड़क का भी हवाला दिया गया है। लेकिन, कुराना टोल प्लाजा से बचने के लिए कुछ भारी वाहन चालक ब्रजनाथपुर नहर पुल से नहर पटरी होते हुए भी आते जाते हैं। ऐसे ओवरलोड वाहनों के कारण नहर पटरी की सड़क भी खराब हो रही है। डीएम ने पत्र का संज्ञान लेते हुए एआरटीओ को ओवरलोड वाहनों का संचालन रोकने और इनके खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
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परियोजना निदेशक दिनेश कुमार चतुर्वेदी का कहना है कि हाईवे 334 पर हापुड़ क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों का संचालन बंद करने के लिए डीएम को पत्र दिया गया है। उन्होंने एआरटीओ को इस संबंध में आदेशित कर दिया है।
एआरटीओ प्रवर्तन महेश कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में ओवरलोड वाहनों पर पहले भी कार्रवाई होती रही है। हाईवे व शहर की दूसरी सड़कों पर इनका संचालन रोकने के लिए विशेष रूप से अभियान चलाया जाएगा। ओवरलोड वाहनों की आवाजाही जिले में अंदर नहीं होने दी जाएगी।