एनजीटी के नियमों की अनदेखी पर 25 पर हुई कार्रवाई
हापुड़। एनजीटी की सख्ती के बाद गत वर्षों की अपेक्षा इस बार प्रदूषण की स्थिति से शहर के लोगों को काफी राहत मिली है। दरअसल, इस बार एनजीटी के आदेश पर प्राधिकरण की टीम ने खुले में निर्माण सामग्री डालने वाले 25 लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पिछले एक माह में करीब दो लाख रुपये का जुर्माना वसूला है। इस कार्रवाई का नतीजा है कि जिले में अब दुकानदार निर्माण सामग्री को ढककर ही रख रहे हैं।
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) द्वारा इस बार दिवाली से पहले और बाद में सख्त आदेश किए थे कि दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में किसी भी ऐसी गतिविधि को अंजाम नहीं दिया जाए, जिससे कि प्रदूषण को बढ़ने में मदद मिले। ऐसे लोगों के खिलाफ संबंधित विभागों को कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया था। जिसके बाद जिस प्रकार पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई उसी प्रकार हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण की टीम ने भी अपनी जिम्मेदारी का वहन किया।
पिछले एक माह में हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण द्वारा इस मामले में लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण भी किए जा रहे हैं। सहायक अभियंता व सहायक नोडल अधिकारी पीके शर्मा ने बताया कि एनजीटी के आदेशों पर प्राधिकरण द्वारा टीमों का गठन किया गया था। जिसके बाद पूरे जिले में अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण किए गए। इस दौरान 25 ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें से अधिकतर वे लोग हैं जो बिल्डिंग मैटीरियल बेचने का काम करते हैं। इन लोगों ने अपनी दुकानों के बाहर खुले में भवन निर्माण सामग्री जैसे रेत, बदरपुर, रोडी, डस्ट आदि खुले में डाली हुई थी। जबकि एनजीटी के सख्त आदेश हैं कि खुले में डाली गई ऐसी सामग्री को ढककर रखा जाए। ऐसा न करने पर कार्रवाई के आदेश दिए गए थे।
प्राधिकरण ने वसूले करीब दो लाख रुपये -
कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण की टीम द्वारा विभिन्न स्थानों से करीब दो लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। प्राधिकरण की सख्ती का नतीजा है कि अब जिले में अधिकतर दुकानदारों द्वारा भवन निर्माण सामग्री को ढककर रखा गया है। हापुड़ शहर में मेरठ रोड और गढ़ रोड पर सबसे अधिक इस प्रकार की दुकानें हैं, जिन पर पहले खुले में सामान पड़ा रहता था। लेकिन अब अधिकतर दुकानदार इस सामग्री को ढककर रखते हैं।
प्राधिकरण की वीसी अर्चना वर्मा का कहना है कि एनजीटी के आदेशों के पालन में प्राधिकरण द्वारा किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जा रही है। इसके लिए सभी अधिकारियों को सख्त आदेश दिए गए हैं। लोगों को चाहिए कि वे भी एनजीटी के आदेशों का पालन करें और किसी भी प्रकार से नियमों का उल्लंघन न करें। प्राधिकरण की टीम द्वारा आगे भी इस प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।