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सपा की किसान यात्रा को पुलिस ने रोका, हंगामा

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सपा की किसान यात्रा को पुलिस ने रोका, हंगामा
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हापुड़। कृषि कानूनों के विरोध में सपा की किसान यात्रा को फ्रीगंज रोड स्थित कार्यालय के पास ही पुलिस ने रोक दिया। कड़े हंगामे के बीच कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी कर उन्हें कोतवाली लाया गया। जहां धरने के बाद कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा। पुलिस ने उनके मुचलके पाबंद कर वापस भेज दिया गया। इसी बीच पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सीएम अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में फिर से कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए, देर शाम तक वहीं डटे थे।
सपा जिलाध्यक्ष तेजपाल प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों को बर्बाद करने पर तुली है। कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग प्रत्येक वर्ग उठा रहा है, फिर भी सरकार मानने को तैयार नहीं है। सपा की किसान यात्रा को पुलिस ने रोककर लोकतंत्र का अपमान किया है।
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सपा के जिला प्रवक्ता अनिल आजाद ने कहा कि जनता के मौलिक अधिकारों को भी छीनने का काम किया जा रहा है। केंद्र सरकार देश में फिर से अंग्रेजी सरकार की तरह किसानों की जमीन और फसल को कब्जा कर, पूंजीपतियों के हाथों सौंपने का कार्य कर रही है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
युवजन सभा के जिलाध्यक्ष संजय गहलौत ने कहा कि किसान भुखमरी के कगार पर है। ऐसे में कृषि कानूनों को लाकर भाजपा सरकार किसानों को बर्बाद करने का काम कर रही है। पार्टी किसानों के साथ है। इस कानून को कतई भी बरदाश्त नहीं किया जाएगा।
छात्रसभा के प्रदेश सचिव सचिन दयाल ने कहा सरकार की इस युवा और किसान विरोधी नीतियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब युवा भी सड़कों पर उतरेंगे। सपा नेता रविंद्र यादव व पियूष मंढोठिया ने कहा भाजपा सरकार ने युवाओं के रोजगार छीने जा रहे हैं। सरकारी नौकरियां न के बराबर रह गई हैं।
इस दौरान जैसे ही कार्यकर्ता फ्रीगंज रोड स्थित कार्यालय से बाहर निकलें, वहां पहले से ही मौजूद एसडीएम व भारी पुलिस बल ने कार्यकर्ताओं को किसान यात्रा नहीं निकालने दी और गिरफ्तार करके बस के द्वारा थाने ले आए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने काफी हंगामा किया। पुलिस के साथ धक्कामुक्की भी हुई। थाने में कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए, हालांकि बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। सभी के मुचलके पाबंद कर छोड़ दिया गया। इसी दौरान लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को गिरफ्तार किए जाने की सूचना से कार्यकर्ताओं में गुस्सा बढ़ गया और वह जिला कार्यालय पर धरने पर बैठ गए। देर शाम तक धरना जारी रहा।
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इस मौके पर इकबाल कुरैशी, संजय यादव, देवेंद्र जाखड़, मोहम्मद बिलाल, श्याम सुंदर भुर्जी, रामपाल जाटव, मनोज, बिलाल, फिरोज मलिक, बुद्धप्रकाश, मूलवीर प्रधान, मोनू गौतम, किशन, रोकेश चौधरी, उमर दराज, विनायक, पुनीत तोमर, रितु चौधरी, पुरुषोत्तम आदि मौजूद रहे।
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