मकान ढहाने से गुस्साए रामगढ़ी के लोगों ने एचपीडीए पर किया प्रदर्शन
हापुड़। एचपीडीए द्वारा अतिक्रमण हटाने के नाम पर करीब एक दर्जन मकानों के ध्वस्तीकरण के मामले में सोमवार को विवादित भूमि को अपना बताते हुए रामगढ़ी के लोगों ने प्राधिकरण कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इसके बाद वीसी को ज्ञापन सौंपा। वीसी ने इस मामले में दोबारा से पैमाइश कराने का आश्वासन दिया है।
गौरतलब है कि शनिवार को हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण की टीम ने आनंद विहार ए ब्लाक में अतिक्रमण हटाते हुए गांव रामगढ़ी के करीब एक दर्जन मकानों को ध्वस्त कर दिया गया था। इस दौरान ग्रामीणों ने इस कार्रवाई का विरोध किया था। रविवार को भी इस मामले को लेकर सैकड़ों महिलाओं व पुरुषों ने गांव में हंगामा किया था। सोमवार दोपहर भी रामगढ़ी से संख्या में लोग एकत्र होकर एचपीडीए कार्यालय पहुंचे तथा प्रदर्शन किया। लोगों का कहना था कि वे अपनी जमीन पर पहले से काबिज थे। इस जमीन को लेकर वे 9 जनवरी 1985, 10 जनवरी 1990 और 27 मई 2004 को कोर्ट से केस जीत चुके हैं। लेकिन इसके बावजूद प्राधिकरण की टीम ने तानाशाही दिखाते हुए उनके मकानों को ध्वस्त कर दिया। लोगों ने कार्रवाई को नियमविरुद्ध बताते हुए प्राधिकरण की वीसी को ज्ञापन सौंपा। वीसी अर्चना वर्मा ने ग्रामीणों की तसल्ली के लिए एक बार फिर पैमाइश का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण नियम के अनुसार ही कार्य करेगा। यदि भूमि पर अतिक्रमण किया हुआ है तो उसे हटवाया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में शबाना, सुनीता, माया, सरोज, गीता, महेंद्री, मुन्नी, कमलेश, सीमा, राजवती, बसंती, हरीश चंद, राजू, हरिकिशन, तारा, मोमीन, मुकेश, अमित, विशाल, रामनिवास, कपिल, गजराज सिंह, धमेंद्र, दीपक, राजेंद्र, सलीम, अजय कुमार शामिल थे।