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प्रदूषण से लोग बेहाल, आंखों में जलन की हो रही समस्या

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प्रदूषण से लोग बेहाल, आंखों में जलन की हो रही समस्या
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हापुड़। जिले में बढ़ता वायु प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। वायु प्रदूषण के चलते लोगों को आंखों में जलन, खांसी, गले में खराश आदि समस्याएं हो रही हैं। अस्पतालों की ओपीडी में भी अचानक मरीजों की संख्या बढ़ गई है। चिकित्सक लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
जिले की करीब 13 लाख आबादी के स्वास्थ्य पर प्रदूषण जमकर कहर बरपा रहा है। सूखी खांसी, धसका, गले में खराश से लोग परेशान हैं। अस्थमा और ह्दय रोगियों पर मौसम की दोहरी मार पड़ रही है। आंखों में जलन से लोग तड़प रहे हैं। अस्पतालों की ओपीडी अचानक मरीजों से भर गई हैं। ऐसे में चिकित्सकों को व्यवस्था बनाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
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प्रदूषण के चलते सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या 30 फीसदी तक बढ़ गई है। धुएं के साथ स्मॉग भी तेजी से फैल रहा है। इससे सूखी खांसी, सीने में जकड़न, छीकें आना, छाती में दर्द की परेशानी अधिक सामने आ रही है।
इतना ही नहीं अस्थमा से जो लोग पहलेे से ही पीड़ित चल रहे हैं। ऐसे मरीजों की सांस नलिकाओं में संक्रमण की शिकायत भी सामने आ रही हैं। इसके अलावा ह्दय रोगियों पर भी मौसम का अच्छा असर नहीं पड़ रहा है।
सरकारी और निजी अस्पतालों में उमड़ी भीड़ को देखकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। चिकित्सकों को भी अस्पतालों में व्यवस्था बनाना मुश्किल हो रहा है।
प्रदूषण से बच्चों की नलिकाओं में संक्रमण
- पटाखों के धुएं और वातावरण में मौजूद धूल के सूक्ष्म कणों से बच्चों की सांस नलिकाओं में संक्रमण हो रहा है। इससे निमोनिया, बुखार-जुकाम की परेशानी देखने को मिल रही है। पांच से 12 साल तक के बच्चों में यह रोग अधिक देखने को मिल रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डा. पालकी नारंग का कहना है कि अभिभावक बच्चों की खास देखभाल करें।
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कोट
- नेत्र रोग विशेष डा. दुष्यंत बंसल का कहना है कि घर से बाहर निकलते समय आंखों पर चश्मा लगाएं। समय-समय पर आंखों को पानी से धोते रहें। बढ़ते प्रदूषण के चलते आंखों में जलन से लोग परेशान हैं। घरों के अंदर भी आंखों में चुभन महसूस की जा रही है।
सांस के मरीज बरतें यह सावधानी
*सांस दमा मरीज सुबह और शाम बाहर जाने से बचें।
*पालतू जानवरों को बेड रूप से दूर रखें।
*घर से बाहर जाते वक्त मुंह पर रुमाल या मास्क लगा सकते हैं।
*दवाएं नियमित लें, परामर्श पर इन्हेलर को बढ़ा दें।
*गर्म कपड़े निकालें तो उसे पहले अच्छी तरह से धूप लगा लें।
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