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नहीं लगेगा कार्तिक गंगा मेला, शासन ने लिया निर्णय

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नहीं लगेगा कार्तिक गंगा मेला, शासन ने लिया निर्णय
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हापुड़। जिला प्रशासन के प्रस्ताव के बाद आखिरकार शासन ने भी एतिहासिक गढ़ गंगा मेले को स्थगित करने का निर्णय लिया है। ऐसा पहली बार होगा जब दूर-दूर तक जाना जाने वाला यह मेला आयोजित नहीं होगा। शासन द्वारा इसके लिए बुधवार को जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया। हालांकि श्रद्धालुओं के दीप जैसे धार्मिक अनुष्ठान रोक पाना पुलिस और प्रशासन के लिए खासी चुनौती होगी।
गढ़ गंगा किनारे लगने वाला महाभारत कालीन गंगा कार्तिक मेला क्षेत्र में अर्ध कुंभ के नाम से जाना जाता है। जिसमें गंगा के दोनों तट पर लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान करने के लिए आते हैं और इस दौरान कई दिन तक यहां डेरा जमाए रहते हैं, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के कारण गढ़ गंगा मेले पर पहले से ही खतरे के बादल मंडरा रहे थे। कार्तिक मास में लगने वाले 15 दिवसीय मेले को रोकने के लिए जिला प्रशासन एक माह से लगा हुआ था। जिला प्रशासन द्वारा शासन को मेला स्थगित करने का प्रस्ताव भेजा गया था। जिसके बाद शासन द्वारा रिपोर्ट मांगने पर विभिन्न संगठनों की राय भेजी गई थी, लेकिन अब मेला नजदीक था और शासन द्वारा इस मामले में कोई दिशानिर्देश नहीं मिल रहे थे। अब मेले को लेकर नगर विकास मंत्रालय ने मेला स्थगित किए जाने के आदेश जारी कर दिए है।
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नगर विकास मंत्रालय से उप सचिव राजेंद्र मणि त्रिपाठी ने डीएम हापुड़ को पत्र भेजा है, जिसमें कहा गया है कि जनपद हापुड़ में आयोजित होने वाले कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेला गढ़ 2020 को स्थगित किए जाने का अनुरोध किया गया है। कोविड 19 को देखते हुए मेले के आयोजन को स्थगित किए जाने का निर्णय लिया गया है।
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दीपदान रोकना होगा मुश्किल
- कर्तिक गढ़ गंगा मेेले के दौरान बड़ी संख्या में लोग यहां धार्मिक कर्मकांड के लिए भी आते हैं। इनमें एक धार्मिक कर्मकांड दिवंगतों की आत्मा शांति के लिए होने वाला दीपदान भी है। कार्तिक मास की चतुर्दशी पर दीपदान होता है। दीपदान शाम के समय होता है। जिसके बाद रात को 12 बजे के बाद पूर्णिमा गंगा स्नान पर्व शुरू हो जाता है। ऐसी परिस्थितियों में जिनको रोकना पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती होगा।
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एडीएम जयनाथ यादव का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा शासन को भेजे गए प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए गढ़ गंगा कार्तिक मेले का आयोजन स्थगित कर दिया गया है। मेले के आयोजन को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन द्वारा कठोर कदम उठाए जाएंगे।
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