दिनभर छाया रहा स्मॉग, खतरनाक हुई हवा
हापुड़। मौसम के सर्द होने पर हापुड़ की वायु गुणवत्ता के खराब होने का ग्राफ बढ़ रहा है। बुधवार को हापुड़ क्षेत्र का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 351 दर्ज किया गया। सामान्य से करीब आठ गुना तक जहरीली हो गई है। ग्रेप और एनजीटी के नियमों का सही से पालन नहीं होने की वजह से परेशानी बढ़ रही है।
सर्द मौसम में दिल्ली एनसीआर की हवा तो विषैली हो रही है। साथ ही हापुड़ सहित आसपास के जनपदों में भी हवा प्रभावित हो रही है। हापुड़ की वायु गुणवत्ता पीले से लाल श्रेणी में शामिल हो गई है। बुधवार को सुबह से धुंध जैसे हालात नजर आए। आसमान में सूरज भी धुंध के आगोश में छिपे रहे। सुबह को घरों से बाहर घूमने निकले लोगों को प्रदूषित हवा की समस्या से दो चार होना पड़ा। हापुड़ का वातावरण लॉक डाउन से एकदम विपरीत रहा। बुधवार को हापुड़ का एक्यूआई 351 रहा। जानकारों की मानें तो जैसे-जैसे गुलाबी ठंड पड़ेगी। तापमान के नीचे गिरने से समस्या बढ़ सकती है। हापुड़ की हवा को जहरीली होने से रोकने के लिए सरकारी मशीनरी को ग्रेप और एनजीटी के नियमों का सख्ती से पालन कराना होगा।
हापुड़ के एक्यूआई को खतरनाक स्तर (400 से ऊपर) पर जाने से रोका जा सके। मौसम के मिजाज को देखते हुए एक्यूआई को पीली श्रेणी या इससे नीचे वापस लाया जा सके।
हालांकि चिकित्सकों की मानें तो लाल श्रेणी में एक्यूआई के आने से सांस-दमा के रोगियों, बच्चों और बुजुर्गों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
कोट
एसडीएम सत्यप्रकाश ने बताया कि मौसम सर्द होने की वजह से हापुड़ की वायु गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।